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भाजपा को कोसने के अलावा अपने अंदर भी झांके गठबंधन

इंडिया गठबंधन के वोटों का बिखराव पर चर्चा नहीं

  • करीब पांच प्रतिशत का अंतर है

  • वाम और कांग्रेस को 7.87 फीसद

  • अन्य को मिले हैं 4.27 प्रतिशत वोट

रजत कुमार गुप्ता

रांचीः पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति के गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए कुल 206 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ ही राज्य में पिछले 15 वर्षों से चले आ रहे तृणमूल कांग्रेस के शासन का सूर्य अस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी इस बार मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है।

इस हार के बाद इंडिया गठबंधन और पराजित दल (टीएमसी) अपनी-अपनी हार के लिए विभिन्न प्रशासनिक और रणनीतिक दलीलें पेश कर रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दलीलों के बीच चुनाव के सबसे महत्वपूर्ण पहलू—मत प्रतिशत का बिखराव—को नजरअंदाज किया जा रहा है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर हार-जीत की एक अलग ही तस्वीर उभरती है।

आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने न केवल सीटें जीतीं, बल्कि 45.84 प्रतिशत मत प्राप्त कर जनता के बीच अपनी गहरी पैठ साबित की। इसके विपरीत, टीएमसी को 40.80 प्रतिशत वोट मिले। प्रतिशत के लिहाज से यह अंतर भले ही कम लगे, लेकिन मतों की संख्या में भाजपा को टीएमसी पर 32,10,788 वोटों की भारी बढ़त हासिल हुई है। यही वह अंतर है जिसने भाजपा को सत्ता के शिखर तक पहुँचाया।

आंकड़ों की गहराई में जाने पर एक और सच सामने आता है, जो विपक्षी एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। इस चुनाव में वाम मोर्चा और कांग्रेस को मिलाकर कुल 7.87 प्रतिशत मत मिले हैं, जबकि अन्य छोटे दलों और निर्दलियों के खाते में 4.26 प्रतिशत वोट गए हैं। यदि वाम मोर्चा, कांग्रेस और अन्य को मिले इन कुल 7.87 प्रतिशत मतों का बिखराव नहीं हुआ होता, तो चुनावी परिणाम की रूपरेखा पूरी तरह भिन्न हो सकती थी। भाजपा विरोधी मतों का इस तरह तीन हिस्सों (टीएमसी, वाम-कांग्रेस गठबंधन और अन्य) में बंटना भाजपा के लिए पाथवे टू पावर साबित हुआ। यह सच चुनावी शोर में कहीं दब गया है कि सत्ता विरोधी लहर का एक बड़ा हिस्सा मुख्य विपक्षी दल तक पहुँचने के बजाय छोटे गुटों में बंट गया।

पार्टी वोट प्रतिशत कुल वोट
एआईएफबी 0.28% 176980
एआईएमआईएम 0.09% 57253
एआईटीसी 40.80% 26013379
भाजपा 45.84% 29224167
बीएसपी 0.18% 117166
भाकपा 0.16% 99223
माकपा 4.45% 2839066
सीपीआई(एमएल) 0.07% 46399
आईएनसी 2.97% 1890851
आईयूएमएल 0.01% 4013
नोटा 0.78% 494932
आरएलएसजेपी 0.01% 6906
आरएसपी 0.10% 64209
अन्य 4.26% 2717878