हरियाणा विधानसभा के बाहर कांग्रेस की मॉक असेंबली
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः हरियाणा कांग्रेस विधायक दल ने सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र का बहिष्कार करते हुए सदन के बाहर ही एक प्रतीकात्मक मॉक असेंबली आयोजित की। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रघुवीर सिंह कादियान और विधायक शकुंतला खटक ने इस मॉक सत्र में स्पीकर की भूमिका निभाई। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के विधायक इस दिन के लिए कोई यात्रा भत्ता या महंगाई भत्ता नहीं लेंगे, क्योंकि यह विशेष सत्र जनहित के बजाय भाजपा की राजनीतिक चाल और सार्वजनिक धन की बर्बादी है।
मॉक सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने महिला सुरक्षा और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपराधियों को संरक्षण देती है। उन्होंने उन्नाव (कुलदीप सेंगर), हाथरस कांड और प्रज्वल रेवन्ना जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी को महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।
विधायकों ने हरियाणा की महिला पहलवानों के साथ हुए दुर्व्यवहार और पूर्व मंत्री संदीप सिंह पर लगे छेड़छाड़ के आरोपों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। विधायकों ने कहा कि कांग्रेस ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री और पहली महिला राष्ट्रपति दी, जबकि भाजपा केवल महिलाओं को भ्रमित करने का नाटक कर रही है।
कांग्रेस के मुख्य सचेतक बीबी बत्रा और विधायक गीता भुक्कल ने मांग की कि 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम को बिना किसी देरी के तत्काल लागू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन और जनगणना का बहाना बनाकर इसे लटका रही है, जो उसकी महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। हुड्डा ने याद दिलाया कि पंचायतों में 33 प्रतिशत आरक्षण स्वर्गीय राजीव गांधी के नेतृत्व में लाए गए 73वें और 74वें संविधान संशोधनों की देन है।
मॉक असेंबली में एक प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि 2023 के संशोधन को तुरंत प्रभाव से जमीन पर उतारा जाए। कांग्रेस विधायकों ने यह भी बताया कि वर्तमान कानून में राज्यसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, जो इसकी एक बड़ी कमी है। विपक्ष ने एकजुट होकर संदेश दिया कि वे भाजपा को विधानसभा के मंच का उपयोग अपने राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं करने देंगे।