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एसआईआर का फैसला भाजपा पर भारीः फिरहाद हकीम

राज्य की जनता पूरी तरह ममता बनर्जी के ही साथ

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री फिरहाद हकीम ने सोमवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी के लिए बुमेरांग साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़ी है।

फिरहाद हकीम ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सुधार के नाम पर बड़ी संख्या में नाम काटे गए हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा, अगर एक परिवार के सात सदस्यों में से दो के नाम कट जाते हैं, तो पूरा परिवार गुस्सा होगा। कंप्यूटर यह नहीं देखता कि कौन हिंदू है या मुस्लिम; छोटी सी गलती पर नाम हटा दिए गए हैं। जिन लोगों के मतदान के संवैधानिक अधिकार को छीना गया है, वे इसे याद रखेंगे और इसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ेगा।

भाजपा के केंद्रीय नेताओं की सक्रियता पर कटाक्ष करते हुए हकीम ने कहा कि राज्य भाजपा का अपना कोई आधार नहीं है, इसलिए पीएम मोदी और अमित शाह को बार-बार आना पड़ रहा है। हकीम के अनुसार, भाजपा बंगाल की जनता के खिलाफ लड़ रही है, विपक्ष के खिलाफ नहीं।  पहले चरण में हुए भारी मतदान पर उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इसलिए बढ़ा हुआ दिख रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में नाम काट दिए गए हैं, जिससे वोटर बेस कम हो गया है। इसे भाजपा की जीत मानना गलत है।

फिरहाद हकीम ने कहा कि अगले कार्यकाल में तृणमूल कांग्रेस का मुख्य फोकस स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ रोजगार और औद्योगीकरण पर होगा। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ भविष्यवाणी की कि ममता बनर्जी की सरकार हैट्रिक लगाएगी। हमारी 200 से अधिक सीटें पक्की हैं। यह आंकड़ा 225 या 235 तक भी जा सकता है। पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। मतदाता सूची संशोधन और घुसपैठ जैसे मुद्दे इस चुनाव में ध्रुवीकरण और राजनीतिक बहस के केंद्र बने हुए हैं।