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ऐसा देख कर तो चाणक्य भी हैरान रह जाते: प्रियंका गांधी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लोकसभा के भीतर घेरा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच एक दिलचस्प और हल्का-फुल्কা संवाद देखने को मिला। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने चाणक्य का संदर्भ देते हुए केंद्र सरकार पर ऐसा तंज कसा कि अमित शाह सहित भाजपा के कई दिग्गज अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा कि महिला आरक्षण का यह कदम दरअसल एनडीए सरकार का चुनावी लाभ बनाए रखने के लिए एक ट्रम्प कार्ड है। जब उन्होंने देखा कि अमित शाह और अन्य भाजपा सांसद उनकी बात पर हंस रहे हैं, तो प्रियंका ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, आप लोग पूरी योजना बनाकर आए हैं। आज अगर चाणक्य जीवित होते, तो वे भी आपकी चतुराई देखकर हैरान रह जाते।

इस टिप्पणी पर अमित शाह, किरेन रिजिजू और अन्य भाजपा सांसदों ने ठहाके लगाए और इसे खेल भावना से लिया। प्रियंका ने आगे कहा कि भाजपा को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि महिलाएं झूठ बोलने वालों को भांपने में माहिर होती हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ और नेहरू का जिक्र प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का जवाब देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि अतीत में महिला आरक्षण को रोका गया, प्रियंका गांधी ने अपने परदादा मोतीलाल नेहरू का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 1928 की रिपोर्ट: मोतीलाल नेहरू ने 1928 में एक रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें 19 मौलिक अधिकारों की सूची थी।

1931 का कराची अधिवेशन: सरदार पटेल की अध्यक्षता में हुए इस अधिवेशन में महिलाओं के समान अधिकारों का प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रियंका ने याद दिलाया कि नगर पालिकाओं और पंचायतों में 33 प्रतिशत आरक्षण पहली बार उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा लाया गया था। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि वर्तमान की 543 सीटों के भीतर ही 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता?

गौरतलब है कि 131वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत केंद्र ने लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद ही महिला आरक्षण लागू हो पाएगा। हालांकि, दक्षिण भारतीय राज्यों ने इसका कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि इस परिसीমন अभ्यास से हिंदी भाषी राज्यों (भाजपा के गढ़) को अनुचित लाभ मिलेगा और दक्षिण की राजनीतिक हिस्सेदारी कम हो जाएगी। प्रियंका ने चेतावनी देते हुए कहा, यदि यह संविधान संशोधन विधेयक इसी रूप में पारित होता है, तो देश में लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा।