रीवा : रीवा पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. F.A.C.E. (facial authenticacation compliance enforcement) के तहत पुलिस ने शहर के 3 थाना क्षेत्रों से POS एजेंट्स के ठिकानो पर दबिश देकर दस्तावेज खंगाले. इससे फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करने वाले एजेंट्स का भंडाफोड़ हुआ. तीनों आरोपियों के खिलाफ दूरसंचार अधिनियम के साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है.
भोपाल पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देश
हाल ही मे पुलिस मुख्यालय और डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन द्वारा इसकी सूचना रीवा पुलिस को दी गई थी. साथ ही कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे. इस ऑपरेशन के लिए शहर के सामान थाना, सिविल लाइन थाना और सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र मे POS एजेंट्स के बारे में जानकारी लेने के बाद दबिश दी गई. पुलिस ने जांच में मे 72 अप्लीकेशन फार्म को खंगाला. इससे पता चला कि CAF (Common Application Form) मे फर्जीवाड़ा किया गया है.
कई ऐसे फॉर्म, जिसमें एक ही व्यक्ति का फोटो
पुलिस ने समान थाना क्षेत्र से 12, सिविल लाइन थाना क्षेत्र से 41, और सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र से 19 CAF फार्म कब्जे में लिए. इसके बाद उनकी बारीकी से जांच की गई. दस्तावेजों की जांच मे पुलिस ने पाया कि POS संचालकों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही व्यक्ति के फोटो पर कई सिम कार्ड जारी किए. कार्रवाई में कुल 72 CAF फार्म में गलत दस्तावेज लगाकर सिम कार्ड जारी करना पाया गया. जांच के दौरान पुलिस को 40 ऐसे CAF फार्म मिले, जिसमें एक ही व्यक्ति का फोटो लगा था.
फर्जी मोबाइल नंबर पर ओटीपी
पकडे़ गए आरोपी वर्ष 2018 से 2021 के बीच शहरी क्षेत्र में मोबाइल सिम विक्रय, एक्टिवेशन, सिम पोर्टिंग एवं रिपेयरिंग का कार्य करते थे. अधिक कमीशन प्राप्त करने के साथ ही ग्राहकों को बिना दस्तावेज वाले सिम उपलब्ध कराने के लिए ये एजेंट्स फर्जी आईडी में अपनी फोटो लगाकर सिम को एक्टिवेट करते थे. इसके आलावा CAF फार्म मे ग्राहकों की फोटो के स्थान पर अपनी फोटो अपलोड करते थे, जबकि OTP प्राप्त करने के लिए अपने या अन्य फर्जी मोबाइल नंबरों का उपयोग करते थे.
आरोपी आशीष विश्वकर्मा, कमल कुशवाहा, लवकुश गुप्ता से पुलिस की पूछताछ जारी है. एडिशनल एसपी आरती सिंह ने बताया “3 थाना क्षेत्रों में स्थित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों से पूछताछ जारी है.”