Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...

Jabalpur Transport News: जबलपुर में ट्रक भाड़ा 25% महंगा; बढ़ती लागत के कारण ट्रांसपोर्ट संघ का बड़ा फैसला

जबलपुर: देश भर में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और परिवहन संचालन की बढ़ती लागत का असर अब जबलपुर के ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर भी दिखने लगा है। जबलपुर परचून ट्रांसपोर्ट संघ ने माल ढुलाई (ट्रक भाड़ा) में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है। नई दरें 1 जून 2026 से प्रभावी हो गई हैं, जिसका सीधा असर अब बाजार में आने वाले सामानों की परिवहन लागत पर पड़ेगा।

📊 क्यों बढ़ाना पड़ा भाड़ा?

संघ के अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला और पदाधिकारी मृदुल शुक्ला ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर इस निर्णय के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से निम्नलिखित खर्चों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चलाना मुश्किल हो गया था:

  • ईंधन की बढ़ती कीमतें: डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी।

  • टोल टैक्स: मार्ग शुल्क में निरंतर इजाफा।

  • रखरखाव खर्च: स्पेयर पार्ट्स और वाहनों के रखरखाव (Maintenance) की लागत में भारी उछाल।

⚖️ मजबूरी में लिया गया निर्णय

ट्रांसपोर्ट संघ के अनुसार, लंबे समय तक पुरानी दरों पर ही काम किया जा रहा था, जबकि खर्चों का बोझ लगातार बढ़ता गया। वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय का संचालन कठिन हो गया था, जिसके चलते संघ ने सर्वसम्मति से भाड़े में 25 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया है।