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खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का एक्शन! योजनाओं की समीक्षा की, परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों को दिए खास निर्देश

बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने आज विकास भवन स्थित अपने कक्ष में खेल विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की. इस दौरान खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, बिहार खेल विश्वविद्यालय एवं बिहार खेल अकादमी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. बैठक में अपर मुख्य सचिव, खेल विभाग ने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया.

बैठक में बताया गया कि कुल 668 करोड़ रुपये के बजट में से 498 करोड़ रुपये का व्यय भवन निर्माण, खेल अवसंरचना विकास, अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों, एकलव्य केंद्रों, ओपन जिम, मल्टी जिम तथा जिला एवं पंचायत स्तर के खेल मैदानों के निर्माण पर किया गया है.

बच्चों को आवासीय सुविधा पर चर्चा

एकलव्य केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इन केंद्रों में बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ विद्यालयीय शिक्षा के दौरान खेल प्रशिक्षण दिया जा रहा है. वर्तमान में प्रत्येक जिले में उस जिले में लोकप्रिय खेलों के आधार पर एकलव्य केंद्र स्थापित किए गए हैं. कुल 64 केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 54 केंद्र विभिन्न खेल विधाओं में सफलतापूर्वक कार्यरत हैं. श्रेयसी सिंह ने इन केंद्रों के संचालन एवं व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की.

बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह ने राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों की बिहार सरकार की सेवाओं में नियुक्ति की स्थिति की जानकारी ली और कहा कि इससे राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. खेल छात्रवृत्ति योजना के विषय में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि यह योजना खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभा रही है तथा इसे तीन स्तरों में प्रदान किया जा रहा है.

खेल क्लबों के लिए 21,000 से अधिक आवेदन

श्रेयसी सिंह ने खेल क्लब चुनावों की स्थिति की भी जानकारी ली. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि खेल क्लबों के लिए 21,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायत में अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का चयन किया जा चुका है. प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियम परियोजना के अंतर्गत 257 स्टेडियम पूर्ण हो चुके हैं तथा 77 नए स्टेडियम स्वीकृत किए गए हैं. मंत्री ने इनके रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों द्वारा सुनिश्चित करने पर बल दिया तथा कहा कि खेल क्लबों के माध्यम से इन अवसंरचनाओं को सक्रिय किया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए.

उन्होंने जिला एवं प्रमंडल मुख्यालय स्तर पर निर्मित खेल अवसंरचना की नियमित देखरेख पर विशेष जोर दिया तथा निर्देश दिया कि विभिन्न जिलों में उपलब्ध खेल प्रतिभा के अनुरूप खेल केंद्रों का विकास किया जाए, ताकि युवाओं को उनकी खेल विधा के अनुसार उपयुक्त सुविधाएं मिल सकें. मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित खेल विभाग से जुड़ी 14 परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई. सभी परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें से 8 तीव्र गति से आगे बढ़ रही हैं और निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाएंगी.

कुलपति एवं नामांकित छात्रों से मुलाकात

बैठक में बिहार खेल विश्वविद्यालय की प्रवेश स्थिति एवं प्रशिक्षण विधाओं की भी समीक्षा की गई. श्रेयसी सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति एवं नामांकित छात्रों से मुलाकात कर सुविधाओं एवं पाठ्यक्रम की जानकारी ली. इसके अतिरिक्त मोइनुल हक स्टेडियम, बी.पी. सिन्हा राज्य शारीरिक शिक्षा संस्थान, राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एवं राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई.

अंत में उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्रों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिहार के सभी जिलों में खेल प्रतिभाओं का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करें, ताकि राज्य में खेल विकास की रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके.