जिनके नाम काटे गये हैं, उनके बीच जाइये
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मालदा जिले के उन लोगों के साथ बैठक करने की चुनौती दी, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। मालदा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा, मैं अमित शाह को चुनौती देती हूं कि वे यहाँ मालदा में एक बैठक करें और उन लोगों से बात करें जिनके नाम हटा दिए गए हैं। भाजपा को लोगों के पैरों में गिरकर उनसे इस दुख के लिए माफी मांगनी चाहिए। मैं लोगों से ईवीएम के जरिए जवाब देने का आह्वान करती हूं।
हाल ही में श्री शाह ने भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी सहित भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के दौरान उनके साथ शिरकत की थी और कहा था कि वे चुनावी राज्य में 15 दिन बिताएंगे। मालदा जिला वर्तमान में विशेष गहन संशोधन में लगे न्यायिक अधिकारियों के हजारों की भीड़ द्वारा घेराव किए जाने के बाद से तनावपूर्ण स्थिति में है। अधिकारियों को बुधवार रात एक बड़े पुलिस दल ने सुरक्षित निकाला था। गुरुवार को उच्चतम न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे अधिकारियों को डराने-धमकाने का धृष्ट प्रयास और शीर्ष अदालत के अधिकार को चुनौती करार दिया।
राज्य में लगभग 60 लाख नाम निर्णय के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से हटाने की दर लगभग 40 फीसद है। पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से अब तक 63 लाख से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं। घेराव मामले में मुख्य आरोपी मोफक्केरुल इस्लाम को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो एक वकील हैं और उन्होंने 2021 का चुनाव एआईएमआईएम के टिकट पर लड़ा था। मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपे जाने से पहले 34 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
सभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मालदा के मोथाबाड़ी में हुई हिंसा के पीछे के असली अपराधी फरार हो गए हैं, जबकि जांचकर्ता जांच के नाम पर निर्दोष स्थानीय लोगों को परेशान कर रहे हैं। भाजपा पर लोगों के वोट देने का अधिकार छीनने का दावा करते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा, कल वे आपकी जमीन और भाषा भी छीन लेंगे।