घोटाला के आरोप में मुख्य अभियोजक का इस्तीफा
कीवः यूक्रेन में अवैध कॉल सेंटरों से जुड़े गंभीर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद देश के मुख्य अभियोजक रुस्लान क्रावचेंको ने अपने पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। यह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम यूक्रेन की प्रमुख भ्रष्टाचार-विरोधी जांच एजेंसियों द्वारा सप्ताहांत में अभियोजक कार्यालय पर मारे गए व्यापक छापों के तुरंत बाद देखने को मिला। इन छापों के दौरान क्रावचेंको के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संचालित एक संगठित मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था।
यूक्रेन की शीर्ष भ्रष्टाचार-विरोधी संस्थाओं—नेशनल एंटी-करप्शन ब्यूरो और स्पेशलाइज्ड एंटी-करप्शन प्रॉसिक्यूटर ऑफिस की संयुक्त जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध नेटवर्क देश भर में सक्रिय फोन धोखाधड़ी करने वाले कॉल सेंटरों को कानूनी कार्रवाई से बचाने और संरक्षण देने के एवज में भारी रिश्वत वसूलता था। इस भ्रष्टाचार के जरिए जुटाए गए अवैध धन से करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां, महंगे आभूषण, लग्जरी गाड़ियां तथा अन्य कीमती वस्तुएं खरीदी गई थीं।
इस्तीफे की घोषणा करते हुए रुस्लान क्रावचेंको ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, लेकिन वह नहीं चाहते कि उनका गरिमामय पद किसी भी तरह के राजनीतिक टकराव या जांच में बाधा का कारण बने।
रूस के खिलाफ जारी भीषण युद्ध के बीच कीव में लगातार सामने आ रहे हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामलों ने राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है। इस नए घोटाले ने प्रशासनिक पारदर्शिता और सैन्य संकट के दौरान सरकारी तंत्र की ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यूरोपीय संघ की पूर्ण सदस्यता का उम्मीदवार होने के नाते यूक्रेन के लिए अपने सभी प्रशासनिक और न्यायिक संस्थानों से भ्रष्टाचार को खत्म करना एक अनिवार्य शर्त है। युद्ध में यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य मदद मुहैया करा रहे यूरोपीय सहयोगियों और पश्चिमी देशों के लिए इस तरह के घोटालों का सामने आना बेहद चिंताजनक है, जिससे कीव पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी और सख्त कार्रवाई का दबाव और अधिक बढ़ गया है।