इस हमले में दो बच्चों सहित बारह की मौत
बेरूतः लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने सोमवार तड़के दक्षिणी लेबनानी गांव पर दो भीषण हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और बच्चों तथा पैरामेडिक्स सहित कई अन्य घायल हो गए। यह हमला इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच दो महीने पहले हुए युद्धविराम के बावजूद जारी तनाव के बीच हुआ है। इससे कुछ ही दिन पहले इजरायली सेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अली ताहेर पहाड़ी पर अपना परिचालन नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पहला हमला एक आवासीय इमारत पर हुआ, जिसमें दो बच्चों और चार महिलाओं सहित 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। दूसरा हमला एक कार पर हुआ, जिसमें लेबनानी इस्लामिक रिसाला स्काउट एसोसिएशन का एक पैरामेडिक मारा गया। इजरायली सेना ने इन हमलों को सोमवार को हिजबुल्लाह द्वारा किए गए ड्रोन हमलों का जवाब बताया है। सेना का दावा है कि उनका मुख्य लक्ष्य कफ़र रुम्मान में हथियार ले जा रहे एक हिजबुल्लाह लड़ाके को निशाना बनाना था।
कफ़र रुम्मान के मेयर अब्दुल्ला फरहत ने इस घटना को पूर्ण पैमाने पर नरसंहार करार दिया और इजरायल-लेबनान समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि शीर्ष नेता समझौतों पर हस्ताक्षर करते हैं और आम जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। जून में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते के तहत इजरायली सेना को दक्षिण लेबनान से हटना था और हिजबुल्लाह का निशस्त्रीकरण होना था, लेकिन दोनों पक्षों के रुख के कारण इस समझौते पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इस बीच, कफ़र रुम्मान और आसपास के इलाकों में जारी बमबारी के कारण स्थानीय निवासियों में भारी डर और रोष व्याप्त है। इसके बावजूद कई ग्रामीणों ने अपने घरों को छोड़कर न जाने का संकल्प लिया है।