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होर्मुज में एक और टैंकर पर हमला हुआ है

समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट में जानकारी दी गयी

अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ने इसकी सूचना दी

किसने हमला किया, यह स्पष्ट नहीं है

अमेरिका और ईरान की तनातनी से परेशानी

दुबईः हालिया रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और टैंकर पर भीषण हमला हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक बार फिर भारी चिंता और खलबली मच गई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक पोत को गंभीर हमलों का सामना करना पड़ा है।

प्राधिकरण के अनुसार, उन्हें एक तीसरे पक्ष से यह सूचना प्राप्त हुई थी कि जब यह तेल टैंकर जलडमरूमध्य के संवेदनशील समुद्री मार्ग से होकर गुजर रहा था, तब किसी अज्ञात प्रक्षेपास्त्र (प्रोजेक्टाइल) या मिसाइल ने इसे सीधे तौर पर टक्कर मार दी। इस अचानक हुए खतरनाक हमले के परिणामस्वरूप पोत में आग लग गई, जिससे जहाज पर सवार कर्मचारियों और आसपास के समुद्री क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

राहत की बात यह रही कि शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार पोत पर मौजूद पूरा चालक दल सुरक्षित है और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालाँकि, इस घातक हमले के कारण पोत को पहुँचे ढाँचामगत नुकसान और इस घटना से समुद्री पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट या पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और तटीय अधिकारी इस पूरे मामले की अत्यंत बारीकी से गहन जाँच-पड़ताल कर रहे हैं, और फिलहाल यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि इस अप्रत्याशित और खतरनाक हमले के पीछे असल में किसका हाथ था।

अधिकारियों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना के बाद एक उच्च स्तरीय चेतावनी जारी की है। इसमें सभी वाणिज्यिक जहाजों और नौवहन कंपनियों को यह सलाह दी गई है कि वे इस क्षेत्र से गुजरते समय अत्यधिक सावधानी और सतर्कता बरतें। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या हलचल नजर आने पर उसकी तत्काल सूचना यूकेएमटीओ को दी जाए, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ चल रहे अपने मौजूदा भू-राजनीतिक और सामरिक संघर्ष के एक प्रमुख हिस्से के रूप में ईरान द्वारा इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नौवहन यातायात को बड़े पैमाने पर अवरुद्ध किया जा रहा है। समुद्री व्यापारिक मार्गों पर मंडराता यह निरंतर और गंभीर खतरा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और कृषि उर्वरकों के आयात-निर्यात तथा व्यापार में भारी व्यवधान पैदा कर रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईंधन की कीमतों और आर्थिक स्थिरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।