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कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: 11 की मौत, दर्जनों घायल; 10 बुलडोजर से हटाया जा रहा मलबा

कौशांबी (उत्तर प्रदेश): कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हो गया। यह इलाका प्रयागराज जिले की सीमा और मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से महज दो किलोमीटर दूर है।

धमाका इतना भयावह था कि 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में मजदूर और स्थानीय ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने 10 बुलडोजरों की मदद से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

🏚️ 800 वर्गफीट की फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज: 100 मीटर के दायरे में कई मकान क्षतिग्रस्त

विस्फोट की तीव्रता और तबाही का मंजर:

  • फैक्ट्री का मलबा: करीब 800 वर्गफीट क्षेत्र में बनी एक मंजिला इमारत पलक झपकते ही मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।

  • आसपास के घरों को नुकसान: लगभग 100 मीटर के दायरे में स्थित 8 से 10 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कई घर जमींदोज हो गए और एक तिमंजिला इमारत की दीवार में बड़ा सुराख हो गया।

  • 2 किलोमीटर तक गूंज: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले धुएं का गुबार उठा और फिर एक के बाद एक पटाखों के धमाके होने लगे, जिनकी गूंज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।

👥 मलबे में दबे दर्जनों लोग: 200 राहतकर्मियों का रेस्क्यू ऑपरेशन

मजदूरों और ग्रामीणों का हाल:

  • मजदूरों की मौजूदगी: हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। आसपास के घरों में रहने वाले परिवार भी इसकी सीधी चपेट में आ गए।

  • मलबे से निकालने की मशक्कत: करीब 200 पुलिसकर्मी और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। अधिकारियों ने मृतकों और घायलों की संख्या में और बढ़ोतरी की आशंका जताई है।

🏥 प्रयागराज के SRN अस्पताल में घायलों का इलाज: वेंटिलेटर पर कई मरीज

स्वास्थ्य सुविधाएं और उपचार:

  • तत्काल रेफर: गंभीर रूप से झुलसे और घायल लोगों को इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  • गंभीर हालत: अस्पताल के प्राचार्य डॉ. ए.के. वर्मा के अनुसार, घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के कारण कई मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

⚡ बिजली का खंभा गिरने के बाद बारूद में लगी आग: जांच जारी

हादसे के संभावित कारण:

  • शॉर्ट सर्किट की आशंका: स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि धमाके से ठीक पहले एक बिजली का खंभा गिरा था, जिससे निकली चिंगारी से बारूद के ढेर में आग लग गई और सिलसिलेवार विस्फोट हुए।

  • सुरक्षा मानकों का अभाव: पुलिस और फॉरेंसिक टीमें जांच कर रही हैं कि रिहायशी इलाके के पास बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के यह फैक्ट्री कैसे चलाई जा रही थी।

🚫 2 साल पहले निरस्त हो चुका था लाइसेंस: फैक्ट्री मालिक आदिल की संपत्ति होगी जब्त

प्रशासनिक जांच और अवैध संचालन का खुलासा:

  • रद्द लाइसेंस पर चल रहा था काम: जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री संचालक आदिल का लाइसेंस प्रशासन द्वारा लगभग दो वर्ष पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद वह अवैध रूप से बारूद का भंडारण और पटाखों का निर्माण करवा रहा था।

  • अन्य कारखाने सील: प्रशासन ने आरोपी आदिल से जुड़े अन्य गोदामों व कारखानों को तुरंत सील कर दिया है और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है।

💔 बेघर हुए परिवार: मलबे में दब गए कई लोग

स्थानीय आबादी पर टूटा दुखों का पहाड़:

  • घर उजड़े: धमाके के कारण कई स्थानीय परिवारों के आशियाने पूरी तरह उजड़ गए। अस्पताल में भर्ती रानी नामक महिला ने बताया कि उनके परिवार के 5 लोग अचानक मलबे में दब गए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला।

  • सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग: पुलिस-प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के सभी मकानों को खाली करवाकर परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

⚖️ ‘दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई’: डीएम अमित पाल शर्मा का बयान

प्रशासन का कड़ा रुख:

  • सख्त कानूनी कार्रवाई: कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने बताया कि दोनों जिलों की प्रशासनिक टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति जब्तीकरण (कुर्की) जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🙏 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक: दिए बेहतर उपचार के निर्देश

राज्य सरकार का त्वरित संज्ञान:

  • संवेदना व्यक्त की: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।

  • अधिकारियों को निर्देश: सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर रहकर घायलों को समुचित व उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक व चिकित्सकीय सहायता देने के सख्त निर्देश दिए हैं।