शहडोल (मध्य प्रदेश): शहडोल जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे चारों ओर जलभराव की स्थिति बन गई है। इसी बीच मौसम खुलते ही शहडोल जिला मुख्यालय स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (एक्सीलेंस स्कूल – रघुराज क्रमांक 2) के 11वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर सीधे जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। बच्चों का कहना था कि उन्होंने सुना है कि कलेक्टर साहब शिकायतों पर ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन लेते हैं, इसलिए वे अपनी परेशानी सीधे उन्हीं को बताएंगे ताकि समस्या का तत्काल समाधान हो सके।
🏛️ फील्ड में थे कलेक्टर, छात्रों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में छात्रों की मौजूदगी और घटनाक्रम:
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कलेक्टर से मिलने की जिद: छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से सीधी मुलाकात पर अड़े रहे और कार्यालय परिसर में इंतजार करने को तैयार थे।
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जनविश्वास अभियान में व्यस्तता: शुक्रवार को जनविश्वास अभियान के तहत जिला कलेक्टर समेत तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में दौरे पर थे, जिसके चलते छात्रों की कलेक्टर से सीधी मुलाकात नहीं हो सकी।
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ज्ञापन सौंपा: स्थिति की जानकारी मिलने के बाद विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा।
💧 ‘छत से टपकता है पानी, बेंच पर बैठना मुश्किल’: छात्राओं ने बयां किया दर्द
कक्षा 11वीं की छात्राओं ने स्कूल भवन की जर्जर स्थिति पर बात रखी:
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छात्रा तमन्ना निशा का बयान: छात्रा ने कहा, “हम रघुराज क्रमांक 2 से आए हैं। हमें नई बिल्डिंग में बैठने नहीं दिया जा रहा है, जबकि वह पूरी तरह तैयार है। हमें जिस पुरानी बिल्डिंग में बैठाया जाता है, उसकी सीलिंग से लगातार पानी टपकता है। बारिश की वजह से क्लासरूम और बेंच पर पानी भरा रहता है।”
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छात्रा निहारिका बंसल का पक्ष: निहारिका ने बताया कि क्लासरूम में पानी और गंदगी भरी रहने के कारण पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बाधित हो चुका है और इस बदहाली में बैठकर पढ़ना असंभव हो गया है।
🏫 ‘नई बिल्डिंग तैयार फिर भी नहीं मिल रही एंट्री’: ठेकेदार पर अटकी चाबी
कमरों की कमी और क्लास शिफ्टिंग से परेशान हैं विद्यार्थी:
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बैठने की गंभीर किल्लत: छात्रा सरस्वती यादव ने बताया कि बच्चों की संख्या के मुकाबले क्लासरूम बहुत छोटे हैं। व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण कभी हॉल में तो कभी अलग-अलग कमरों में शिफ्ट करके एडजस्ट किया जा रहा है।
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ठेकेदार की लापरवाही: छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल की नई बिल्डिंग बनकर पूरी तरह तैयार हो चुकी है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि ठेकेदार अभी भवन की चाबी हैंडओवर नहीं कर रहा है।
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छात्रों की मांग: विद्यार्थियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि ठेकेदार से तुरंत नई बिल्डिंग का कब्जा दिलाकर उसमें कक्षाएं शुरू कराई जाएं ताकि उनकी नियमित पढ़ाई बाधित न हो।