तारापीठ के होटल में भीषण आग से हाहाकार: 7 श्रद्धालुओं व कर्मचारियों की मौत, 45 मिनट तक टॉयलेट में फंसे रहे लोग
तारापीठ (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ तीर्थ स्थल तारापीठ में सोमवार की सुबह एक निजी होटल में भीषण आग लगने से बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में 7 लोगों की जलने और धुएं में दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे तारापीठ थाने के ठीक पास स्थित ‘बिदिशिनी होटल’ के ग्राउंड फ्लोर पर अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
😱 सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं से भरा था होटल, लपटें देख मची चीख-पुकार
श्रावण मास के आखिरी सोमवार के उपलक्ष्य में तारापीठ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे तीर्थयात्रियों व पर्यटकों से पूरा होटल खचाखच भरा हुआ था।
सुबह जब होटल के कर्मचारियों ने ग्राउंड फ्लोर से आग की ऊंची लपटें उठती देखीं, तो उन्होंने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई। इससे पहले कि आग पर काबू पाने के लिए कोई ठोस उपाय किया जाता, होटल में प्रयुक्त फाइबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री की वजह से आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई और चारों तरफ घना धुआं भर गया।
🚒 थाने के पास होने से तुरंत पहुंचा अमला, 10 से 15 लोगों को सुरक्षित निकाला
होटल तारापीठ पुलिस स्टेशन के अत्यंत निकट स्थित होने के कारण पुलिस बल और दमकल की गाड़ियां सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
दमकलकर्मियों और पुलिस जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया। राहत दल ने होटल के विभिन्न कमरों में फंसे 10 से 15 लोगों को सकुशल बाहर निकाला और उपचार के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मृतकों में कई पर्यटक और होटल के कर्मचारी शामिल हैं।
🗣️ प्रत्यक्षदर्शी की आपबीती: 45 मिनट तक टॉयलेट में फंसे रहे, पुलिस ने तोड़ा दरवाजा
होटल में सपरिवार ठहरे एक प्रत्यक्षदर्शी पर्यटक ने उस खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया:
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भयानक आवाज से टूटी नींद: सुबह करीब 4:00 बजे रिसेप्शन के पास तेज आवाज सुनकर जब कमरे का दरवाजा खोला, तो सामने विकराल आग की लपटें थीं।
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कमरे में बंद होकर टॉयलेट में ली शरण: कमरे में कोई खिड़की न होने के कारण परिवार (पत्नी, दो बच्चे और वह स्वयं) टॉयलेट में छिप गया और वेंटिलेशन से निकलने का प्रयास किया।
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45 मिनट तक रेस्क्यू का इंतजार: लगातार तारापीठ थाने को फोन कर मदद मांगी गई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला।
🔍 फायर सेफ्टी और भवन निर्माण मानकों की उच्चस्तरीय जांच शुरू
दमकल विभाग के अधिकारियों का प्राथमिक अनुमान है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी।
हालांकि, प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच में इस बात की पड़ताल की जा रही है कि क्या होटल में फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) के पुख्ता इंतजाम थे, क्या होटल भवन को स्थानीय नगर पालिका से वैधानिक स्वीकृति प्राप्त थी और क्या बिजली के उपकरणों व वायरिंग का नियमित मेंटेनेंस किया जा रहा था। इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।