जशपुर में हाथियों का तांडव: 16 हाथियों के दल ने झोपड़ी में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को सूंड में लपेटकर पटका, मौके पर मौत
जशपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले जशपुर में हाथी और मानव के बीच बढ़ता खूनी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले के बगीचा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत घुघरी कदमटोली गांव में 16 हाथियों के एक आक्रामक दल ने देर रात भारी उत्पात मचाया। जंगल के मुहाने पर स्थित कच्ची झोपड़ी में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग मार्शल एक्का पर हाथियों के दल ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि की बताई जा रही है।
🐘 जंगल से निकलकर कदमटोली बस्ती पहुंचा 16 हाथियों का दल, बुजुर्ग ने भागने का किया था प्रयास
प्राप्त विवरण के अनुसार, विगत कुछ दिनों से 16 हाथियों का यह बड़ा दल घुघरी के समीपवर्ती जंगलों में डेरा जमाए हुए था।
मध्यरात्रि के समय यह दल अचानक जंगल की सीमा लांघकर कदमटोली बस्ती की ओर आ धमका। रास्ते में जंगल के किनारे स्थित बुजुर्ग मार्शल एक्का का कच्चा मकान आ गया। हाथियों ने झोपड़ी को ध्वस्त करना शुरू कर दिया, जिससे बुजुर्ग की नींद खुल गई। जान का खतरा भांपकर मार्शल एक्का ने भागकर खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन हाथियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
💥 सूंड में लपेटकर जमीन पर पटका और पैर से कुचला, मौके पर ही टूटीं सांसें
हाथियों के आक्रामक व्यवहार के बीच एक विशालकाय हाथी ने भाग रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग मार्शल एक्का को अपनी सूंड में लपेटकर बड़ी बेरहमी से जमीन पर दे मारा और फिर पैरों तले कुचल दिया।
गंभीर आंतरिक व बाह्य चोटें आने के कारण बुजुर्ग ने घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इस भयानक वारदात के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर प्रातः काल वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा तैयार किया।
💰 प्रभावित परिवार को ₹25 हजार की तत्काल सहायता, शेष मुआवजा प्रक्रिया के बाद होगा जारी
घटनास्थल पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और फौरी राहत प्रदान की।
मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए जशपुर के डीएफओ (DFO) शशि कुमार ने बताया कि, “घटना के उपरांत प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता के तौर पर 25 हजार रुपये की नकद राशि उपलब्ध करा दी गई है। संपूर्ण मुआवजे का प्रकरण तैयार किया जा रहा है और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण होते ही शेष मुआवजा राशि भी नियमानुसार परिजनों को सौंप दी जाएगी। हम ग्रामीणों से बारंबार अपील करते हैं कि वे हाथियों के नजदीक जाने से बचें।”
⚠️ महुआडीह के जंगल में मौजूद है हाथियों का दल, वन विभाग की टीम लगातार रख रही निगरानी
वन विभाग से प्राप्त अद्यतन जानकारी के अनुसार, 16 हाथियों का यह आक्रामक दल वर्तमान में महुआडीह के नजदीकी जंगल में विचरण कर रहा है।
वन कर्मियों की विशेष टीम हाथियों की गतिविधियों पर दूरबीन और ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए है। किसी भी संभावित अनहोनी को रोकने के लिए आसपास के ग्रामीणों को लाउडस्पीकर और मुनादी के जरिए हाथियों की मौजूदगी की चेतावनी दी जा रही है, ताकि लोग सतर्क रहें और जंगल की ओर जाने से परहेज करें।