श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विष्णुदेव साय सरकार का बड़ा फैसला, नगरीय निकायों में बंद रहेंगी मटन-चिकन दुकानें
रायपुर (छत्तीसगढ़): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में 4 सितंबर को समूचे छत्तीसगढ़ में ‘शुष्क दिवस’ (Dry Day) घोषित किया गया है।
इसके साथ ही सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह (स्लॉटर हाउस) तथा मांस-मटन व चिकन की दुकानों को पूरी तरह बंद रखने का शासकीय निर्णय लिया गया है। यह निर्णय राज्य की सनातन सांस्कृतिक आस्था, धार्मिक मर्यादा और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है, जिससे पर्व के दौरान प्रदेश भर में सात्विक और भक्तिमय वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
🙏 शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी त्वरित स्वीकृति
निर्णय की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक प्रक्रिया:
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मंत्री का औपचारिक आग्रह: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जन्माष्टमी पर्व की गरिमा और प्रदेशवासियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से विशेष अनुरोध किया था।
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मुख्यमंत्री का संवेदनशील निर्णय: मुख्यमंत्री ने इस मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए 4 सितंबर को शराब की दुकानें बंद रखने (ड्राई डे) और नगरीय क्षेत्रों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए।
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यादव समाज में हर्ष: भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले यादव समाज ने इस निर्णय का स्वागत किया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह निर्णय जनभावनाओं और सांस्कृतिक गौरव को सम्मान देने वाला है।
🚩 ‘सनातन संस्कृति और आस्था का प्रतीक है जन्माष्टमी’: शिक्षा मंत्री ने जताया सीएम का आभार
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का आधिकारिक वक्तव्य:
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मुख्यमंत्री का आभार: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जनभावनाओं के अनुरूप त्वरित निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट किया।
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पर्व का आध्यात्मिक महत्व: उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपरा और अटूट आस्था का महापर्व है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श, निष्काम कर्मयोग और जीवन दर्शन से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है।
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संवेदनशील प्रशासन: मंत्री ने जोर देकर कहा कि विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों, धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के संवर्धन हेतु पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
🕊️ धर्म, सत्य और लोककल्याण का संदेश: भक्तिभाव से मनेगा जन्मोत्सव
शासकीय आदेश का सामाजिक प्रभाव:
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सत्य और मर्यादा का पर्व: भगवान श्रीकृष्ण ने संपूर्ण मानव जाति को धर्म, कर्म, सत्य, न्याय और लोककल्याण का शाश्वत संदेश दिया है।
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गरिमापूर्ण आयोजन: सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से मंदिरों, धार्मिक स्थलों और घर-घर में मनाए जाने वाले कृष्ण जन्मोत्सव को पूर्ण श्रद्धा, भक्ति, शुचिता और गरिमा के साथ आयोजित करने में सहायता मिलेगी।
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नियमों का अनुपालन: आबकारी विभाग और नगरीय प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे 4 सितंबर को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।