Breaking News in Hindi

झीरम घाटी मामले के सभी दस अभियुक्त दोषी ठहराये गये

बत्तीस लोगों के एकसाथ नरसंहार मामले का फैसला आया

कई कांग्रेसी नेता मारे गये थे हमले में

हजार पन्नों का चार्जशीट दाखिल था

बचाव पक्ष अपील दायर करेगा

राष्ट्रीय खबर

रायपुरः एनआईए की विशेष अदालत ने छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे भीषण माओवादी हमलों में से एक, 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले के सभी 10 जीवित आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अध्यक्षता वाली एनआईए की विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले में मूल रूप से 11 आरोपी थे, जिनमें से एक की जांच व सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। वर्तमान में 2 महिलाओं सहित शेष 10 आरोपी जगदलपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। इस भयावह हमले में कुल 32 लोग मारे गए थे और 38 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि एनआईए की चार्जशीट में आधिकारिक रूप से 27 मौतों की सूची दी गई थी। मृतकों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता उदय मुदलियार शामिल थे।

झीरम घाटी मामले में अंतिम सुनवाई 12 अगस्त को पूरी हुई थी, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। निर्णय पहले 31 अगस्त को आना था, जिसे पांच दिन टालकर अंततः 5 सितंबर को सुनाया गया। सजा के परिमाण पर आदेश 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रखा गया है।

बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने कहा, हम उच्च न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। हमें अभी फैसले की प्रति नहीं मिली है, इसे प्राप्त करने के बाद ही अपील के आधार तय किए जा सकेंगे। एनआईए ने विस्तृत जांच के बाद 2015 में 11 लोगों को आरोपी बनाते हुए लगभग 1,000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 101 गवाहों का परीक्षण किया, जबकि बचाव पक्ष ने कोई गवाह पेश नहीं किया।

25 मई 2013 को कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में ‘परिवर्तन रैली’ निकाल रही थी। जब नेताओं का काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था, तब झाड़ियों में घात लगाकर बैठे सैकड़ों माओवादियों ने चारों तरफ से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी थी।