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अपमान के बाद रो पड़े तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष

कांग्रेस ने बीआरएस नेता के खिलाफ दर्ज करायी शिकायत

विधानसभा में गाली गलौज की भाषा

टी मधुसूदन के खिलाफ एफआईआर

केटी रामाराव पर उकसाने का आरोप

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः सोमवार को तेलंगाना विधानसभा में उस समय अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिले जब सदन में कथित रूप से की गई अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार भावुक होकर रो पड़े। इस घटना के बाद हैदराबाद के खैराबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोथा रोहित मुदिराज ने भारत राष्ट्र समिति के एमएलसी टी मधुसूदन के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एमएलसी द्वारा अध्यक्ष पर किए गए व्यक्तिगत हमलों और अपमानजनक शब्दों के कारण ही वे रो पड़े। शिकायत में पुलिस से वीडियो साक्ष्य सत्यापित करने, एफआईआर दर्ज करने, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया गया है।

पेड्डापल्ली के सांसद गद्दम वामसी कृष्णा ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों को अध्यक्ष का अपमान करने के लिए उकसाया। विधानसभा परिसर में पुलिस और काले कपड़ों में विरोध जता रहे बीआरएस विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी देखी गई। सांसद ने ऑन-ड्यूटी महिला कांस्टेबल के साथ कथित मारपीट की कड़ी निंदा की और जिम्मेदार विधायकों पर मामला दर्ज करने की मांग की।

दलित कांग्रेस विधायकों और विधान पार्षदों ने बीआरएस नेता की टिप्पणी को पूरे दलित समुदाय और अध्यक्ष पद का अपमान करार दिया। वहीं, बीआरएस एमएलसी टी मधुसूदन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यदि उनकी किसी टिप्पणी को अध्यक्ष के खिलाफ माना गया है, तो वे उसे वापस लेते हैं।

विधानसभा सत्र की शुरुआत ही काफी हंगामेदार रही। भाजपा सदस्यों ने पंजीकरण अधिनियम की धारा 22-ए के तहत निजी जमीनों को प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने के मुद्दे पर तुरंत चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बाद में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा का आश्वासन दिए जाने के बाद ही भाजपा सदस्य शांत हुए। मुख्यमंत्री रेड्डी ने अध्यक्ष के खिलाफ टिप्पणी प्रकरण को तेलंगाना की चार करोड़ जनता का अपमान और राज्य के लिए काला दिन करार दिया।