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BMC Action: खुले मैनहोल में गिरने से व्यक्ति की मौत, बीएमसी ने दी 10 लाख की सहायता; जांच के लिए समिति गठित

मुंबई के कुर्ला-साकीनाका स्थित खैरानी रोड पर एक दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। गुरुवार को सीवरेज के काम के दौरान एक खुला मैनहोल 55 वर्षीय असलम इसाक शेख की मौत का कारण बना। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ‘एल’ वार्ड के सहायक आयुक्त समेत चार जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

🔍 लापरवाही की भेंट चढ़ी जान: क्या थे सुरक्षा इंतजाम?

प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। मैनहोल के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी के संकेत। असलम इसाक शेख जब वहां से गुजरे, तो संतुलन बिगड़ने से वे सीधे गहरे गड्ढे में गिर गए। हालांकि फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की चूक को जिम्मेदार माना है।

⚖️ उच्चस्तरीय जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा

घटना की निष्पक्ष जांच के लिए अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। वहीं, पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए बीएमसी ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। निलंबित अधिकारियों में सहायक आयुक्त धनाजी हेरलेकर, दीपक चौगुले, अभिजीत चौगुले और उत्तम पाटिल शामिल हैं।

🛑 पूरे शहर में सुरक्षा का अलर्ट: मैनहोल के निरीक्षण के निर्देश

इस दुखद घटना के बाद बीएमसी ने पूरे मुंबई में सुरक्षा नियमों को सख्त कर दिया है। अगले आठ दिनों के भीतर शहर के सभी मैनहोल का 100 प्रतिशत सुरक्षा निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। सभी जोन और वार्ड अधिकारियों को रिपोर्ट मुख्यालय में जमा करने को कहा गया है। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।