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तीर्थयात्रा के सीजन में अचानक मौसम की मार

सभी धामों की यात्रा पर अस्थायी रोक लगी

राष्ट्रीय खबर

देहरादूनः उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन की बढ़ती आशंकाओं के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों—बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित अनहोनी को टाला जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मौसम विभाग द्वारा स्थिति में सुधार की पुष्टि नहीं हो जाती और तीर्थ यात्रा मार्गों की सुरक्षा का विस्तृत आकलन नहीं कर लिया जाता, तब तक किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रीनगर (गढ़वाल) के मुख्य पड़ाव पर बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले सैकड़ों वाहनों को सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया है। अधिकारी लगातार मौसम के पूर्वानुमान और पहाड़ी रास्तों की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

श्रीनगर (गढ़वाल) के कार्यकारी मजिस्ट्रेट दीपक भंडारी ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते यह यात्रा स्थगित की गई है। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा, श्रीनगर में हमने तीर्थयात्रियों के ठहराव के लिए दो मुख्य पड़ाव स्थल निर्धारित किए हैं। एनआईटी (NIT) ग्राउंड में 100 से अधिक छोटे और लगभग 30-35 बड़े वाहनों को सुरक्षित खड़ा किया गया है। इसके अलावा, आवास विकास ग्राउंड में भी तीर्थयात्रियों के रुकने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाओं पर ध्यान न दें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक परामर्श और मौसम विभाग के अपडेट का सख्ती से पालन करें। वर्तमान में, प्रशासन का पूरा ध्यान यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराने पर केंद्रित है। मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा को फिर से सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा।