अबोहर में चंडीगढ़ मेयर चुनाव जैसी हालत दोहरायी गयी
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः एक बड़े नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम में, आम आदमी पार्टी ने हालिया नागरिक निकाय चुनावों में भाजपा के बहुमत हासिल करने के बावजूद, शुक्रवार शाम अबोहर नगर निगम पर नियंत्रण हासिल कर लिया। आप ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों पदों पर जीत दर्ज की है। आप के अबोहर हल्का प्रभारी और पूर्व विधायक अरुण नारंग ने बताया कि आप के गणेश सबलानिया मेयर चुने गए हैं, जबकि रेशमा बाई कंबोज को सीनियर डिप्टी मेयर और किरण निरानिया को डिप्टी मेयर चुना गया है।
कुल 50 वार्डों में से भाजपा ने 28 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि आप को 20, कांग्रेस और निर्दलीय को एक-एक सीट मिली थी। पंजाब में अबोहर एकमात्र ऐसा नगर निगम था जहां भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। अरुण नारंग ने दावा किया कि चुनाव के दौरान भाजपा के पार्षदों ने कथित तौर पर आप उम्मीदवार के पक्ष में हाथ उठाए। इसके परिणामस्वरूप, मेयर चुनाव में आप को कुल 27 वोट मिले, जिसमें उसके खुद के 20 पार्षद, भाजपा के 5 बागी सदस्य, एक कांग्रेस पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल थे।
इस चुनाव परिणाम के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्व कांग्रेस नेता और भाजपा से जुड़े संदीप जाखड़ ने कहा, हमने फिरोजपुर डिवीजनल कमिश्नर बबीता कलेर और फाजिल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू का घेराव किया है और मेयर चुनाव के आधिकारिक दस्तावेजों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अंतिम फैसले का अभी भी इंतजार है।
पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और आला अधिकारियों के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। बाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फाजिल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू सहित वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों का घेराव किया। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे भाजपा पार्षदों और समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। यह चुनाव फिरोजपुर डिवीजन की कमिश्नर बबीता कलेर और फाजिल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू की मौजूदगी में हुआ था।
संदीप जाखड़ ने आरोप लगाया कि आप सरकार लोकतंत्र का मजाक उड़ा रही है और अबोहर की जनता द्वारा दिए गए जनादेश की अनदेखी कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले नवनिर्वाचित नगर निगम की पहली बैठक, जो 7 जुलाई को होनी तय थी, उसे अबोहर के एसडीएम कृपाल वीर सिंह ने एक आपात स्थिति का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था। इस वजह से उस दिन 50 नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह और मेयर व अन्य पदों का चुनाव नहीं हो सका था। स्थगन के बाद इस बैठक को शुक्रवार शाम के लिए पुनर्निर्धारित किया गया था, जहां भारी राजनीतिक ड्रामे और सुरक्षा इंतजामों के बीच आखिरकार चुनाव संपन्न कराए गए। बता दें कि इससे पहले चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव में भी ऐसा खेल देखने को मिला था।