नीट यूजी 2026 में सीबीआई का नया दावा उजागर
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प्रश्न पत्रों तक उनकी पहुंच रही थी
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अपने छात्रों को तैयारी करायी थी
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राज कोचिंग क्लासेज के संचालक हैं
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: करीब 23 लाख छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाले नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच में सीबीआई ने एक बड़ी कामयाबी का दावा किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधार यानी किंगपिन को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने बताया कि उन्होंने पुणे के एक केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को हिरासत में लिया है और उन्हें ही इस पेपर लीक का मुख्य स्रोत बताया है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में सीबीआई की यह आठवीं गिरफ्तारी है। कुलकर्णी को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होने के कारण मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी। उन्होंने इसी का फायदा उठाते हुए छात्रों को प्रश्न लीक कर दिए।
महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले यह केमिस्ट्री शिक्षक पुणे में अपने आवास पर राज कोचिंग क्लासेस के नाम से प्राइवेट ट्यूशन भी पढ़ाते थे। नीट परीक्षा से ठीक पहले, अप्रैल के आखिरी हफ्ते में उन्होंने ऐसी ही एक क्लास ली थी। इस सेशन के दौरान उन्होंने छात्रों को प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर बोलकर लिखवाए थे, जिसे छात्रों ने अपनी कॉपियों में नोट कर लिया था।
एक अधिकारी ने बताया कि जब छात्रों की कॉपियों में लिखे गए प्रश्नों का 3 मई को आयोजित हुई वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मिलान (क्रॉस-रेफरेंस) किया गया, तो कई सवाल शब्द-ब-शब्द (हूबहू) मैच कर गए। इससे सीबीआई को यह स्थापित करने में मदद मिली कि पेपर लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ कोई व्यक्ति ही था।
कुलकर्णी से जुड़ी एक अन्य आरोपी, मनीषा वाघमारे को एजेंसी पहले ही गुरुवार को गिरफ्तार कर चुकी है। अब सीबीआई इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाली वाघमारे, छात्रों को लीक हुए मेडिकल परीक्षा के पेपर और कॉलेज में दाखिले का झांसा देकर फंसाती थी। वह प्रत्येक छात्र से लाखों रुपये वसूलती थी और फिर उन्हें कुलकर्णी के पास भेज देती थी।
सीबीआई ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर उसने मंगलवार को इस लीक के संबंध में मामला दर्ज किया था। इसके तुरंत बाद जांच शुरू करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया। अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यागर से आठ गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। इनमें से पांच आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है।