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एनटीए के भीतर ही है असली किंगपिन

दिल्ली कोर्ट को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रिपोर्ट सौंपी

  • प्रश्नपत्र अंदर से ही लीक किये गये

  • संदिग्ध लोगों की पहचान का काम जारी

  • अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः सरसों में ही भूत है! यानी रखवाला ही भक्षक बन गया है। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कम से कम इसी ओर इशारा किया है। दिल्ली की एक अदालत में सीबीआई ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के भीतर के ही किसी सूत्र या अधिकारी द्वारा इस संवेदनशील प्रश्नपत्र को लीक किया गया हो सकता है।

अदालत में अपनी दलीलें पेश करते हुए सीबीआई ने आगे दावा किया कि महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार किए गए शुभम खैरनार नाम के आयुर्वेदिक डॉक्टर को पुणे के जिस व्यक्ति से प्रश्नपत्र मिला था, उस व्यक्ति का एनटीए के अंदरूनी सूत्रों के साथ सीधा संपर्क था। अब एनटीए के भीतर छिपे इसी दोषी को पकड़ने के लिए सीबीआई ने एनटीए के विभिन्न अधिकारियों और अन्य सरकारी संस्थानों के कई संदिग्धों को चिह्नित करने का काम तेज कर दिया है।

सीबीआई ने अदालत को सूचित किया है कि इस विशाल और सुनियोजित साजिश की जड़ों तक पहुंचने के लिए अभी कई और लोगों से गहन पूछताछ करने की सख्त जरूरत है। इतना ही नहीं, जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी एनटीए के संदिग्ध अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के कुछ कर्मियों की पहचान स्थापित करना चाहती है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई अब तक तीन अलग-अलग राज्यों से पांच आरोपियों को अपनी हिरासत में ले चुकी है। इसके अलावा, गुरुवार को पुणे से दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। प्रश्नपत्र लीक मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में 14 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने कई संदिग्धों के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की एक विशेष टीम दिल्ली स्थित एनटीए के मुख्यालय भी गई थी ताकि वहां से जरूरी दस्तावेज और डेटा जुटाया जा सके। जांच एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि कई संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा बीते 3 मई को आयोजित की गई थी। लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद यह खुलासा हुआ कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो चुका था, जिससे पूरे देश में भारी बवाल मच गया। चौतरफा दबाव के बाद आखिरकार एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। हालांकि, शुक्रवार को एजेंसी ने घोषणा की है कि आगामी 21 जून को यह परीक्षा दोबारा (री-एग्जाम) आयोजित की जाएगी।