कॉकपिट का दरवाजा खोला दिया घायल होने के बाद
यात्रियों को पहले आभाष नहीं था
कॉकपिट खुला तो हालत का पता चला
एयर ट्राफिक कंट्रोल के संकेत भेजे थे
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के इतिहास में सुरक्षा और व्यक्तिगत बहादुरी के लिहाज से एक अत्यंत ही सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें भारतीय मूल के कैप्टन स्मित माच्छर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अभूतपूर्व सूझबूझ, अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।
यह पूरी घटना दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या एफजेड1073 के संचालन के दौरान घटी। उड़ान के बीच में अचानक ऐसी आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई, जिससे विमान में सवार यात्रियों की सांसें अटक गईं। उस दौरान केबिन में बैठे यात्रियों को इस बात का दूर-दूर तक कोई अंदाजा नहीं था कि कॉकपिट के भीतर आखिर किस प्रकार का जानलेवा संकट चल रहा है।
घटना के सिलसिलेवार ब्यौरे के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 05:35 बजे विमान का ट्रांसपोंडर अचानक बदलकर 7500 कोड पर सेट कर दिया गया। विमानन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भाषा में 7500 कोड का इस्तेमाल तब किया जाता है जब विमान किसी गैर-कानूनी कब्जे यानी हाईजैकिंग या फिर किसी गंभीर और असामाजिक खतरे के घेरे में होता है। ऐसे संकट के समय चालक दल द्वारा इस कोड का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि रेडियो पर खुलकर बात करना संभव या सुरक्षित न होने पर भी ग्राउंड स्टेशनों को गुप्त रूप से आपातकाल का संकेत मिल सके।
शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे तेल अवीव जाने वाली उड़ान के अपहरण के प्रयास के रूप में देखा गया। उड़ान के दौरान विमान के भीतर अचानक तब तनाव बढ़ गया जब को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित माच्छर पर अचानक हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित और हिंसक हमले के कारण विमान तेजी से हजारों फीट की ऊंचाई से नीचे की ओर गोता खाने लगा।
इस जानलेवा हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए और वे पूरी तरह से खून से लथपथ हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह कॉकपिट का अंदर से बंद लॉक खोला।
जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा खुला, विमान में मौजूद सतर्क यात्री और क्रू मेंबर्स तुरंत अंदर दौड़े और हमलावर को पूरी तरह से काबू में कर लिया। इसके तुरंत बाद, विमान में यात्रा कर रहे एक अन्य रिजर्व पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथों में लिया और स्थिति को संभाला। इस भयावह घटना के लगभग चार घंटे बाद, विमान ने अपनी दिशा और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए सऊदी अरब के ताबूक हवाई अड्डे पर एक सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की।
इस खतरनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित माच्छर को ताबूक के स्थानीय अस्पताल में शुरुआती और आवश्यक चिकित्सा उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए विशेष तौर पर यूएई एयरलिफ्ट कर लिया गया, जहां वर्तमान में अबू धाबी के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
यूएई में भारत के आधिकारिक दूत ने भी अस्पताल पहुंचकर कैप्टन से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस बीच, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित माच्छर से सीधे बात की और उनकी इस असाधारण बहादुरी, पेशेवर दक्षता तथा अदम्य साहस की खुलकर सराहना की। फिलहाल, विभिन्न देशों की जांच एजेंसियां और विमानन सुरक्षा से जुड़े अधिकारी इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि आखिर को-पायलट की वास्तविक पहचान क्या थी, इस हमले के पीछे उसका क्या मुख्य उद्देश्य था और क्या उसके किसी संदिग्ध नेटवर्क या संपर्क से जुड़े तार थे।