नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई प्रारंभ
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स्थानीय पुलिस ने पहले ही पकड़ा था
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लातूर से भी प्रश्नपत्र की दूसरी शिकायत
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सारी सूचनाओं को जांचा जा रहा है
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की जांच अब तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार शाम महाराष्ट्र के नासिक से एक व्यक्ति को अपनी हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए पुलिस उपायुक्त किरणकुमार चौहान ने बताया कि संदिग्ध को शहर के इंदिरा नगर इलाके से पकड़ा गया है। नासिक पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया।
गत 3 मई, 2026 को आयोजित की गई नीट (यूजी) परीक्षा को पेपर लीक के गंभीर आरोपों और विवादों के बीच मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया। शिक्षा मंत्रालय और सरकार ने इस पूरे मामले की व्यापक जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है ताकि परीक्षा प्रणाली में हुई किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इस मामले के तार अब मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को एक छात्र के अभिभावक ने लातूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, लातूर स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान ने इस मुख्य परीक्षा से ठीक पहले अपने छात्रों के लिए एक मॉक टेस्ट आयोजित किया था। इस शिकायत में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि कोचिंग के मॉक टेस्ट पेपर में आए 42 प्रश्न हूबहू वही थे, जो 3 मई को आयोजित वास्तविक नीट परीक्षा में पूछे गए थे।
मॉक टेस्ट और वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्रों में इतनी अधिक समानता ने कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए लातूर के पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे ने उप-विभागीय पुलिस अधिकारी समीरसिंह साल्वे को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी संस्थान या व्यक्ति इस नेटवर्क में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, लातूर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास इस धांधली से जुड़ी कोई भी जानकारी या साक्ष्य हो, तो वे सीधे पुलिस प्रशासन से संपर्क करें।