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कई इलाकों में हिंसक टकराव की सूचनाओं के बीच वोटिंग

पहले चरण में सुबह से ही तेज हुआ मतदान

  • दोपहर तीन बजे तक 78 फीसद से अधिक

  • वोटरों में महिलाओं में अधिक उत्साह है

  • पुलिस के पास तीन टकराव की खबर

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत गुरुवार, 23 अप्रैल को प्रदेश की 152 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 3 बजे तक ही राज्य में 78.77 फीसद का भारी मतदान दर्ज किया गया। कुल 3.60 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं ने भीषण गर्मी और छिटपुट हिंसा की खबरों के बीच लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस चरण में राज्य के 16 जिलों की कुल 152 सीटों पर मतदान हुआ, जहाँ 1,478 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत दांव पर लगी है। मतदान के रुझानों में ग्रामीण इलाकों ने शहरी क्षेत्रों को पीछे छोड़ दिया। दक्षिण दिनाजपुर जिला 81.49 फीसद मतदान के साथ शीर्ष पर रहा। इसके ठीक पीछे पश्चिम मेदिनीपुर (81.07 फीसद) और झारग्राम (81.04 फीसद) रहे। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, लगभग सभी चुनावी जिलों में मतदान का प्रतिशत 72 फीसद से ऊपर रहा, जो एक उच्च नागरिक सहभागिता को दर्शाता है।

भारी मतदान के बीच हिंसा की छिटपुट घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया में खलल डालने की कोशिश की। आसनसोल दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर रहमत नगर के पास भीड़ ने पथराव किया, जिससे वाहन के पिछले हिस्से के शीशे चकनाचूर हो गए। इसी तरह की घटना कुमारगंज में भी देखने को मिली, जहाँ भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन पर शारीरिक हमला किया और उनके वाहन में तोड़फोड़ की।

मुर्शिदाबाद जिला तनाव का मुख्य केंद्र रहा, जहाँ पुलिस और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़पें हुईं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूँ कबीर क्षेत्र में पहुँचे। इसके अतिरिक्त, डोमकल इलाके से मतदाताओं को डराकर मतदान केंद्रों पर जाने से रोकने की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिस पर भारतीय निर्वाचन आयोग ने जिला प्रशासन से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

मतदान के बीच राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने राज्य की सत्तारूढ़ ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि 4 मई को मतगणना के साथ ही टीएमसी के 15 साल पुराने सिंडिकेट और महा जंगलराज की समाप्ति सुनिश्चित हो जाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि जनता का यह भारी मतदान इस बात का प्रमाण है कि बंगाल की जनता अब भय के शासन को त्यागकर भाजपा के भरोसे को चुन रही है। उन्होंने भ्रष्टाचार और कट मनी संस्कृति को बंगाल के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं, वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे।