Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhiwani Crime News: भिवानी के खानक में दुकान के पास मिला युवक का शव; 4 बहनों के इकलौते भाई की मौत से... Panipat Crime News: पानीपत में एडवोकेट हेमंत पर 5-7 बदमाशों का जानलेवा हमला, क्रेटा रुकवाकर लाठी-डंड... Sonipat Crime News: सोनीपत के शांतिनगर में दो पक्षों में खूनी संघर्ष; एक ने बताया चुनावी रंजिश, दूसर... Faridabad Student Suicide: फरीदाबाद में CBSE 12वीं का रिजल्ट आने के बाद छात्र ने दी जान, दो विषयों म... Haryana College Admission 2026: हरियाणा के कॉलेजों में स्नातक दाखिले शुरू; जानें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ... Faridabad Encounter: फरीदाबाद में ओयो होटल के बाहर हत्या करने वाला इंदर त्यागी एनकाउंटर के बाद गिरफ्... MP Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले हलचल तेज; CM मोहन यादव और संगठन ने ... Bhind Panchayat Scam: भिंड में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र घोटाला; पंचायत सचिव सस्पेंड, FIR दर्ज कराने क... Morena Congress Executive List: मुरैना में कांग्रेस संगठन का बड़ा विस्तार, जीतू पटवारी की सहमति से न... Indore Road Accident: इंदौर में धार रोड पर बेकाबू टैंकर ने बाइक को कुचला, मां और दो मासूम बच्चों की ...

तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने नयी पहल का किया एलान

रूस-यूक्रेन वार्ता को पुनर्जीवित करने पर दिया जोर

एजेंसियां

अंकारा: तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने एक बार फिर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। बुधवार को नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ अंकारा में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान, एर्दोगन ने स्पष्ट किया कि तुर्की दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता फिर से खोलने और दोनों पक्षों के शीर्ष नेतृत्व को एक मेज पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

साल 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए पूर्ण स्तर के आक्रमण के बाद से ही तुर्किए ने दोनों देशों के साथ अपने संतुलित और अच्छे संबंध बनाए रखे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, एर्दोगन ने रुटे से कहा कि अंकारा का लक्ष्य इस युद्ध को शांतिपूर्ण समझौते के साथ समाप्त करना है और इसके लिए वे नेताओं के स्तर पर बातचीत शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

अंतर-महाद्वीपीय सुरक्षा और यूरोपीय जिम्मेदारी बैठक के दौरान एर्दोगन ने ट्रांसअटलांटिक संबंधों की अनिवार्यता पर जोर दिया, लेकिन साथ ही एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि तुर्की यह अपेक्षा करता है कि नाटो के यूरोपीय सहयोगी देश क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा की दिशा में अधिक जिम्मेदारी उठाएं।

इसके अलावा, एर्दोगन ने जर्मन चांसलर के साथ फोन पर हुई बातचीत में भी इसी शांति प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से यूरोप कमजोर हो रहा है और यदि विश्व शक्तियों ने शांति-उन्मुख दृष्टिकोण नहीं अपनाया, तो इस संघर्ष का नुकसान और बढ़ सकता है।

शांति वार्ता के इन प्रयासों को उस समय और बल मिला जब कीव (यूक्रेन) ने आधिकारिक तौर पर तुर्की से रूस के साथ शिखर स्तर की बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने तुर्की और कुछ अन्य राजधानियों से इस संबंध में संपर्क किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पिछले चार वर्षों से अधिक समय से जारी इस युद्ध का त्वरित समाधान चाहते हैं।

यूक्रेन ने यह भी शर्त रखी है कि वे बेलारूस या रूस को छोड़कर किसी भी अन्य स्थान पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक करने के लिए तैयार हैं। एर्दोगन की मध्यस्थता को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि तुर्की एक नाटो सदस्य होने के बावजूद रूस के साथ कूटनीतिक संवाद बनाए रखने में सफल रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या एर्दोगन की यह मध्यस्थता कूटनीति वैश्विक मंच पर कोई ठोस परिणाम ला पाती है।