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ईरान ने कहा यह नहीं हटा तो होर्मुज नहीं खोलेंगे

अमेरिकी नौसेना ने घेर रखा है सारे ईरानी बंदरगाहों को

एजेंसियां

दुबईः मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला जाएगा। यह बयान युद्धविराम के विस्तार के बावजूद आया है। इसी के साथ ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहे दो विदेशी जहाजों को जब्त करने की भी पुष्टि की है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट और गहरा गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता को और समय देने के लिए युद्धविराम को बनाए रखेंगे। हालांकि ईरान ने पाकिस्तान के प्रयासों का स्वागत तो किया, लेकिन ट्रंप की घोषणा पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की। ईरान का स्पष्ट तर्क है कि जब तक उसके समुद्री व्यापारिक मार्गों पर अमेरिकी जहाजों का पहरा है, तब तक शांति की बातें बेमानी हैं।

इस्लामाबाद में हुई वार्ता के पहले दौर में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा, पूर्ण युद्धविराम का अर्थ तभी सार्थक है जब उसे नौसैनिक नाकाबंदी के माध्यम से बाधित न किया जाए। युद्धविराम के इस खुले उल्लंघन के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलना संभव नहीं है। गौरतलब है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल व्यापार के पांचवें हिस्से का प्रमुख मार्ग है। 28 फरवरी को ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद से तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और इस नए गतिरोध ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए साक्षात्कार में कहा कि वार्ता अगले दो-तीन दिनों में फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके अनुरोध पर ईरान ने उन आठ महिलाओं की फांसी रोक दी है जिन्हें सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, ईरान के न्यायपालिका विभाग ने इसे फर्जी खबर करार देते हुए कहा कि उन महिलाओं को कभी मौत की सजा सुनाई ही नहीं गई थी। दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मंगलवार को अपनी इस्लामाबाद यात्रा स्थगित कर दी, जिससे कूटनीतिक सुलह की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।

तनाव को और बढ़ाते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उन्होंने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले दो जहाजों की पहचान कर उन्हें ईरानी तट की ओर मोड़ने के लिए मजबूर किया है। ईरान की यह सैन्य सक्रियता दर्शाती है कि वह अपनी समुद्री सीमाओं पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार करने के मूड में नहीं है, भले ही इसके लिए उसे बड़े युद्ध का जोखिम उठाना पड़े।