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परिसीमन ने मित्रों और गद्दारों की पहचान करा दी है: स्टालिन

लोकसभा की घटना के  बाद तमिलनाडु के सीएम का कड़ा बयान

  • इंडिया गठबंधन की मजबूती से लाभ

  • विपक्ष ने इस खतरे को भांप लिया था

  • पूरा दक्षिण भारत इस पर एकजुट रहा

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को रोकने के विपक्षी प्रयासों की सराहना करते हुए इसे एक बड़ी जीत बताया है। स्टालिन ने कहा कि विधेयक के साथ जुड़े परिसीमन के मुद्दे ने उन्हें यह पहचानने में मदद की है कि कौन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का सच्चा मित्र है और कौन विश्वासघाती। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने उत्साहपूर्वक कहा, परिसीमन ने हमारे मित्रों और गद्दारों की पहचान कर दी है… आज पूरा भारत डीएमके की प्रशंसा कर रहा है, जिसने एक नया इतिहास रचा है।

विपक्ष की एकजुटता और काला कानून संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के लोकसभा में गिरने के बाद, स्टालिन ने इसे परिसीमन जैसे काले कानून के खिलाफ एक सफल संघर्ष बताया। उन्होंने इंडिया गठबंधन के नेताओं और महिला नेत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिसीमन के खिलाफ यह अभियान बहुत पहले से नियोजित था। स्टालिन ने दावा किया कि तमिलनाडु सरकार और विपक्षी नेताओं ने लगभग एक साल पहले ही इस खतरे को भांप लिया था और इसके खिलाफ समन्वित प्रयास शुरू कर दिए थे। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को सलाम किया जिन्होंने महिला आरक्षण की आड़ में किए जा रहे इस धोखेबाज प्रयास का विरोध किया।

मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका स्टालिन ने इस परिणाम को देश को बांटने की कोशिशों पर एक करारा प्रहार करार दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पेश किया गया कोई संवैधानिक संशोधन विधेयक संसद में विफल हुआ है। उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल सहित कई क्षेत्रीय दिग्गजों का धन्यवाद किया। उन्होंने दक्षिण भारतीय मुख्यमंत्रियों—पिनाराई विजयन, रेवंत रेड्डी और सिद्धारमैया के समर्थन को भी विशेष महत्व दिया।

अधूरी जीत और 2026 का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने इसे आधी जीत बताते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को अगले 25 वर्षों यानी 2051 तक के लिए स्थगित करने हेतु संवैधानिक संशोधन लाया जाए। साथ ही, उन्होंने शर्त रखी कि 2023 में पारित महिला आरक्षण को बिना किसी परिसीमन या जनगणना की शर्त के तत्काल लागू किया जाना चाहिए।

स्थानीय राजनीति पर प्रहार करते हुए स्टालिन ने अन्नाद्रमुक और एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर दिल्ली के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जनता भाजपा और उनकी गुलाम अन्नाद्रमुक को करारी और अविस्मरणीय शिकस्त देगी।