राज्य में रोहित वेमुला विधेयक को दी मंजूरी
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13,000 करोड़ के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा
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तमाम विभागों के सुझाव इसमें शामिल है
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पीड़ित छात्रों के लिए मुआवजा का प्रावधान
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरु: कर्नाटक कैबिनेट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से रोहित वेमुला (बहिष्करण या अन्याय निवारण) विधेयक को मंजूरी दे दी है। कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एच.के. पाटिल ने बताया कि कैबिनेट ने इस महत्वपूर्ण विधेयक के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है।
यह विधेयक, जिसे पहले टाल दिया गया था, विभिन्न विभागों के सुझावों पर विचार करने के बाद पारित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, विधेयक के मसौदे में उन छात्रों के लिए 1 लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रस्ताव है जो उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव का सामना करते हैं। इसके साथ ही, दोषियों के लिए एक साल की जेल और 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले साल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर इस कानून को लागू करने का आग्रह किया था, ताकि शिक्षा प्रणाली में समानता सुनिश्चित की जा सके। यह विधेयक 2016 में हैदराबाद में दलित छात्र रोहित वेमुला की दुखद आत्महत्या के बाद उपजे राष्ट्रव्यापी विमर्श का परिणाम है।
बुनियादी ढांचे के लिए बड़े निर्णय: विधेयक के अलावा, कैबिनेट ने 13,262 करोड़ रुपये की लागत से 11 एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के तहत लगभग 75.6 किमी के दायरे में फैली होंगी। साथ ही, बायप्पनहल्ली रेलवे क्रॉसिंग पर एक फ्लाईओवर और अतिरिक्त टू-लेन ओवरब्रिज के लिए 436.44 करोड़ के संशोधित अनुमान को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
सरकार ने इंटरमीडिएट रिंग रोड के 2023 के एलाइनमेंट को रद्द कर 2007 के एलाइनमेंट को मामूली बदलावों के साथ बहाल करने का फैसला किया है। बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के पांच संयंत्रों से निकलने वाले कीचड़ (sludge) का उपयोग करके बायोगैस शुद्धिकरण प्रणाली को पीपीपी मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। कलबुर्गी में कल्याण कर्नाटक सड़क परिवहन निगम के नए केंद्रीय कार्यालय भवन के लिए ₹20 करोड़ की मंजूरी दी गई। लोक भवन, कुमारकृपा गेस्ट हाउस और कांतीरवा स्टेडियम जैसी प्रमुख सरकारी संपत्तियों को संपत्ति कर से छूट दी गई है, जिनका बकाया लगभग 81 करोड़ था। कारवार हवाई अड्डे के विकास का जिम्मा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को स्थानांतरित करने की मंजूरी दी गई है।