तमिलनाडु की राजनीति में नये चेहरे को लेकर अटकलबाजी
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः तमिलनाडु की राजनीति में दिग्गज अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम का प्रवेश आगामी विधानसभा चुनावों को एक सस्पेंस थ्रिलर बना रहा है। पार्टी के गठन के दो साल बाद भी अब तक चुनावी मैदान में न उतरने के कारण इसके वास्तविक प्रभाव को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। जहाँ पार्टी कार्यकर्ता इसे एक बड़ी ताकत मान रहे हैं, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसके भविष्य को लेकर बंटे हुए हैं।
टीवीके के आंतरिक सर्वे और पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि पार्टी 25 से 30 परसेंट तक वोट शेयर हासिल कर सकती है, जो इसे राज्य की दूसरी सबसे बड़ी शक्ति बना सकता है। हालांकि, बाहरी विश्लेषकों के अनुमान अधिक संतुलित हैं: कुछ जानकारों का मानना है कि टीवीके दिवंगत अभिनेता विजयकांत की पार्टी डीएमडीके के 2006 के प्रदर्शन को दोहरा सकती है, जिसने अपने पहले चुनाव में लगभग 8-10 फीसद वोट हासिल किए थे।
अन्य विश्लेषकों का अनुमान है कि विजय की लोकप्रियता और युवाओं के बीच उनकी अपील पार्टी को 15 प्रतिशत के आंकड़े के करीब ले जा सकती है। कुछ हालिया सर्वेक्षणों TVK को 9.7 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान लगाया है, जो राज्य के पारंपरिक द्विध्रुवीय मुकाबले को त्रिकोणीय संघर्ष में बदल सकता है।
पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती वोट शेयर को सीटों में बदलना है। विजय ने अपनी विचारधारा में सत्ताधारी डीएमके को राजनीतिक दुश्मन और बीजेपी को वैचारिक दुश्मन बताया है। पार्टी की नजर मुख्य रूप से युवा मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वाले उन 12.5 लाख मतदाताओं पर है, जो व्यवस्था में बदलाव की तलाश में हैं।
वर्तमान में, तमिलनाडु में कोई स्पष्ट चुनावी लहर नहीं दिख रही है, जिससे टीवीके जैसी नई पार्टी के लिए स्विंग फैक्टर बनने की संभावना बढ़ गई है। विजय की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ और सोशल मीडिया पर उनका प्रभाव पार्टी के आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है, लेकिन वास्तविक परीक्षा मतदान के दिन होगी। क्या विजय किंग बनेंगे या किंगमेकर, यह इस थ्रिलर के क्लाइमेक्स पर निर्भर करेगा।