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केरल के चुनाव प्रचार में भी निशाने पर माकपा नहीं रही

लोगों की जान जोखिम में डाल रही कांग्रेसः मोदी

  • केरल के किसानों और भ्रष्टाचार का मुद्दा

  • एमएसपी में बढ़ोत्तरी का दावा भी किया

  • दोनों विरोधी भ्रष्टाचार में सहयोगी हैं

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल के पलक्कड़ में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल संघर्ष) में तनाव चरम पर है और भारत अपनी कूटनीतिक शक्ति का उपयोग कर वहां फंसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है।

प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती साख का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार विश्व नेताओं के संपर्क में है ताकि युद्ध की विभीषिका का असर भारतीय हितों और नागरिकों पर कम से कम पड़े। उन्होंने खुलासा किया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ही वे विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों से संवाद कर रहे हैं और सभी देशों ने युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि खाड़ी देशों के संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष की टिप्पणियां न केवल गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि खतरनाक भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए वहां रह रहे लगभग 1 करोड़ भारतीयों की जान जोखिम में डाल रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, विपक्ष चाहता है कि खाड़ी में स्थिति बिगड़े ताकि वे इसका इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए कर सकें, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक है।

विदेशी कूटनीति के साथ-साथ पीएम मोदी ने केरल के स्थानीय मुद्दों पर भी राज्य सरकार और विपक्षी गठबंधन को घेरा। उन्होंने धान किसानों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में फसल खरीद में देरी और भुगतान न मिलने से किसान कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मोदी की गारंटी देते हुए विश्वास दिलाया कि भाजपा और एनडीए की सरकार ही किसानों को इस अव्यवस्था से मुक्ति दिला सकती है। उन्होंने केंद्र द्वारा एमएसपी में की गई वृद्धि का भी उल्लेख किया।

अंत में, उन्होंने केरल के दो प्रमुख राजनीतिक धड़ों, एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए उन्हें भ्रष्टाचार का भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि ये दोनों दल दशकों से बड़े घोटालों में शामिल रहे हैं और एक-दूसरे को बचाने का काम करते हैं। भाजपा के बढ़ते प्रभाव से ये दल इसलिए डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें अपने काले कारनामों के उजागर होने का भय सता रहा है।