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केरल की घटना पर ममता बनर्जी ने खुलकर आरोप लगाया

अब तो चोरी साफ तौर पर पकड़ी गयी

  • केरल से जारी हुआ है यह पत्र

  • सरकारी दफ्तर में यह मोहर क्यों

  • यह स्पष्ट तौर पर साजिश का हिस्सा

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग के एक पत्र पर भाजपा की मुहर होने को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना ने यह निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया है कि पर्दे के पीछे से चुनाव आयोग को कौन सी पार्टी नियंत्रित कर रही है।

सोमवार को तब एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब चुनाव आयोग के एक आधिकारिक पत्र पर भाजपा की केरल इकाई की मुहर लगी पाई गई। उत्तर बंगाल के बागडोगरा के लिए उड़ान भरने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा, चुनाव आयोग की अधिसूचना पर भाजपा की इस मुहर से अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि आयोग को पीछे से कौन चला रहा है। अब चोरी पकड़ी गई है और बिल्ली बोरा से बाहर आ चुकी है। वरना चुनाव आयोग के कार्यालय में भाजपा की मुहर का क्या काम है।

मुख्यमंत्री ने अपने दावों के समर्थन में इस विवाद से जुड़ी एक अखबार की रिपोर्ट भी दिखाई। उन्होंने चुनाव आयोग के उस कथित स्पष्टीकरण को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें इसे मानवीय भूल बताया गया था। ममता बनर्जी ने कहा, यह कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक साजिश है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम ने चुनाव कराने में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है। सुश्री बनर्जी ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने और भारत में चुनाव आयोग समर्थित एक-दलीय शासन थोपने के प्रयास के खिलाफ लड़ने का आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि विपक्षी दल दक्षिणपंथी विचारधारा के हैं या वामपंथी। मैं उन सभी से अनुरोध करती हूं कि वे एक साथ आएं और देश में लोकतंत्र को बचाने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इस व्यवस्था का विरोध करें। ममता बनर्जी आज से उत्तर बंगाल में अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने वाली हैं।