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एलपीजी सिलेंडर का वजन बदलने पर अंदर की तैयारी

सरकार ने कहा, यह चर्चा काल्पनिक है

  • सरकार के इंकार के बाद दूसरी खबर

  • कंपनियों ने सरकार को प्रस्ताव सौंपा

  • घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा चुका है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और एलपीजी आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के बीच, भारत सरकार ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि तेल विपणन कंपनियां घरेलू सिलेंडरों में गैस की मात्रा घटा सकती हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह से काल्पनिक करार दिया है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम गैस भरकर बेची जाएगी।

हालांकि, रिफाइनरियों के सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में एक प्रस्ताव सरकार को सौंपा गया है। एक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, इस विकल्प पर विचार जरूर किया जा रहा है ताकि आपूर्ति को संतुलित रखा जा सके, लेकिन अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है। इसके विपरीत, पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इसे महज एक अफवाह बताया है।

सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अटकलों पर कोई टिप्पणी या स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता… कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें। यह पूरी तरह से काल्पनिक खबर है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि घरेलू सिलेंडरों की रिफिलिंग के लिए बुकिंग अब घटकर लगभग 50 लाख तक आ गई है, जबकि आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। शर्मा ने यह भी बताया कि घरेलू रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया है, जिससे स्थानीय आपूर्ति के माध्यम से मांग को पूरा करने की हिस्सेदारी पहले के 40 प्रतिशत से बढ़कर अब 50-60 फीसद हो गई है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले यातायात में बाधा आई है, जिससे तेल और गैस के आयात पर असर पड़ा है। इसी कारण सरकार ने वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं की आपूर्ति में कटौती करते हुए घरेलू क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शुरू किया है। फिलहाल, सरकार का पूरा जोर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलो के मानक सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है।