Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tamil Nadu Politics: चेन्नई से दिल्ली तक हलचल; एक्टर विजय ने सरकार बनाने के लिए क्यों मांगा कांग्रेस... Delhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण पर अब AI रखेगा नजर; दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU साइ... West Bengal CM Update: नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले कोलकाता पहुंचेंगे अमित शाह; 8 मई को विधाय... West Bengal CM Race: कौन होगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस के बीच दिल्ली पहुंचीं अग्निमित्रा प... Crime News: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम, अपना ही प्राइवेट पार्ट काटा; अस्पताल में... Bihar Cabinet Expansion 2026: सम्राट कैबिनेट में JDU कोटे से ये 12 चेहरे; निशांत कुमार और जमा खान के... UP News: 70 साल के सपा नेता ने 20 साल की युवती से रचाया ब्याह; दूसरी पत्नी का आरोप- 'बेटी की उम्र की... प्लास्टिक के कचरे से स्वच्छ ईंधन बनाया MP Govt Vision 2026: मोहन सरकार का बड़ा फैसला; 2026 होगा 'कृषक कल्याण वर्ष', खेती और रोजगार के लिए 2... Wildlife Trafficking: भोपाल से दुबई तक वन्यजीवों की तस्करी; हिरण को 'घोड़ा' और ब्लैक बक को 'कुत्ता' ...

नेपाल का युवा वर्ग फिर से आंदोलन की राह लौटा

सितंबर हिंसा की रिपोर्ट जारी करें सरकार

काठमांडूः नेपाल की राजनीति में मचे उथल-पुथल के बीच, रविवार को काठमांडू की सड़कों पर हजारों युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँग 2025 के उस खूनी विद्रोह की जाँच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना है, जिसके कारण तत्कालीन सरकार का पतन हो गया था।

यह विद्रोह नेपाल के आधुनिक इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक माना जाता है, जिसमें कम से कम 77 लोगों की जान चली गई थी। 8-9 सितंबर को शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन की चिंगारी भले ही सोशल मीडिया पर लगे एक संक्षिप्त प्रतिबंध से भड़की थी, लेकिन इसके पीछे भ्रष्टाचार और आर्थिक तंगी के खिलाफ जनता का सालों से जमा हुआ गुस्सा था।

5 मार्च को हुए चुनावों के ठीक बाद, अंतरिम नेता सुशीला कार्की ने इस हिंसा की जाँच के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग का गठन किया था। इस हिंसा के दौरान संसद भवन सहित दर्जनों सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया था। आयोग ने अपनी जाँच के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली सहित 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।

वर्तमान में, आयोग के पास 900 पन्नों की मुख्य रिपोर्ट और लगभग 8,000 पन्नों के अतिरिक्त साक्ष्य जमा हैं। 26 वर्षीय कार्यकर्ता सनातन रिजाल ने कहा, हम यहाँ सिर्फ यह जानने आए हैं कि वह घटना क्यों हुई और हमारे इतने सारे युवा साथी क्यों मारे गए? अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई है।

सत्ता परिवर्तन और नई उम्मीदें: नेपाल की राजनीति में इस समय एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। हालिया चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने भारी जीत दर्ज की है, जिसने लोकप्रिय रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था। 35 वर्षीय शाह ने चार बार के प्रधानमंत्री रहे के.पी. शर्मा ओली को हराकर एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है।

काठमांडू के मेयर से सीधे प्रधानमंत्री पद तक का उनका सफर नेपाल की बदलती राजनीतिक दिशा का प्रतीक है। अंतरिम नेता सुशीला कार्की ने आश्वासन दिया है कि सरकार निष्कर्षों का सारांश सार्वजनिक करेगी, लेकिन रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने की जिम्मेदारी अगली सरकार पर होगी, जो अगले सप्ताह शपथ ले सकती है।

प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट मानना है कि केवल सुशासन का नारा देने से देश की स्थिति नहीं बदलेगी, बल्कि पिछली गलतियों के लिए न्याय सुनिश्चित करना और पारदर्शिता लाना ही लोकतंत्र की असली परीक्षा होगी। काठमांडू में पिछले एक सप्ताह से जारी ये विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रमाण हैं कि नेपाल का युवा अब जवाबदेही के बिना चुप बैठने वाला नहीं है।