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बलेंद्र शाह की आरएसपी की ऐतिहासिक जीत

नेपाल चुनाव परिणाम 2026 में मतों की गिनती समाप्त

काठमांडूः नेपाल के संसदीय चुनावों में एक युगांतकारी परिवर्तन देखने को मिला है। रैपर से राजनेता बने और काठमांडू के पूर्व मेयर बलेंद्र शाह (बालेन) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने देश के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली (FPTP) के तहत 165 सीटों पर हुई मतगणना के बाद, आरएसपी ने 125 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही आरएसपी न केवल सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, बल्कि वह अपने दम पर बहुमत की सरकार बनाने की स्थिति में भी आ गई है। नेपाल निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रत्यक्ष मतदान की सभी 165 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिसमें पारंपरिक दिग्गजों को करारी शिकस्त मिली है। सबसे उल्लेखनीय जीत खुद बलेंद्र शाह की रही, जिन्होंने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोटों के भारी अंतर से हरा दिया।

संसद की शेष 110 सीटों के लिए समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत मतगणना अभी अंतिम चरण में है। शुरुआती रुझानों और अब तक मिले करीब 50 लाख वोटों के आधार पर, आरएसपी को इस कोटे से कम से कम 52 अतिरिक्त सीटें मिलने की उम्मीद है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में आरएसपी की कुल सदस्य संख्या 175 के पार पहुँच जाएगी।

नेपाल की राजनीति में इस बदलाव को जेन-जी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। पिछले साल सितंबर में हुए देशव्यापी युवा विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए इन पहले चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नेपाली जनता अब पुराने राजनीतिक चेहरों और भ्रष्टाचार से ऊब चुकी है। 35 वर्षीय बलेंद्र शाह, जो पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर भी हैं, अब नेपाल के अगले प्रधानमंत्री और देश के इतिहास के सबसे युवा पीएम बनने की राह पर हैं। वे नेपाल के पहले मधेसी प्रधानमंत्री भी होंगे।

अब इश चुनाव में अन्य दलों पर गौर करें तो नेपाली कांग्रेस को 18 और सीपीएन-यूएमएल को केवल 9 सीटें मिली हैं। युवा विद्रोह के बाद नेपाल में हुआ पहला आम चुनाव है, जिसने सत्ता की बागडोर पूरी तरह नई पीढ़ी के हाथ में सौंप दी है।