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खुदरा विक्रेता तीस दिन का स्टॉक रखने की तैयारी करें

ईरान युद्ध के उपजी परिस्थितियों के बीच केंद्र का फरमान

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण संभावित आपूर्ति व्यवधानों की चिंताओं के बीच, केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनियों से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की भंडारण क्षमता बढ़ाने को कहा है, ताकि कम से कम 30 दिनों की मांग के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखा जा सके।

यह निर्देश सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड को जारी किया गया है, ताकि वे अपनी नियमित वाणिज्यिक इन्वेंट्री से इतर अतिरिक्त भंडारण क्षमता बनाने की योजना तैयार कर सकें।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, हम रणनीतिक भंडार (स्ट्रैटेजिक रिजर्व) पर काम कर रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों से अपने पास कम से कम 30 दिनों के लिए एलपीजी रिजर्व रखने की योजना तैयार करने को कहा गया है और वे इस पर काम कर रही हैं।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने भारत सहित वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित किया है। भारत की खाड़ी देशों से होने वाली क्रूड (कच्चा तेल) आपूर्ति का 40 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 65 प्रतिशत और एलपीजी आपूर्ति का 90 प्रतिशत हिस्सा इस तीन महीने लंबे संघर्ष के कारण प्रभावित हुआ है।

हालांकि भारत कच्चे तेल (पेट्रोल और डीजल बनाने का कच्चा माल) और प्राकृतिक गैस (बिजली बनाने, उर्वरक तैयार करने, वाहनों के लिए सीएनजी और रसोई के लिए पीएनजी के रूप में इस्तेमाल होने वाली) की आपूर्ति के स्रोत तलाशने में सफल रहा है, लेकिन एलपीजी आपूर्ति में आए व्यवधान के कारण व्यावसायिक (कमर्शियल) उपयोगकर्ताओं को की जाने वाली आपूर्ति को नियमित किया जा रहा है। शर्मा ने बताया कि भारत कच्चे तेल की भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तृत विवरण नहीं दिया।

सरकार ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने जोड़ा कि रिफाइनरियां अपने इष्टतम (ऑप्टिमम) स्तर पर काम कर रही हैं और एलपीजी उत्पादन लगभग 52,000 टन प्रतिदिन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। शर्मा ने कहा, किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने की कोई खबर नहीं है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई पेट्रोल पंपों पर असामान्य बिक्री देखी जा रही है।

बाजार के 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखने वाली आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने 15 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है और उसने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष दस्ते गठित करने की सलाह दी है। उपभोक्ताओं से भी पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से बचने और केवल अधिकृत चैनलों के माध्यम से ही ईंधन खरीदने का आग्रह किया गया है।