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अब चंडीगढ़ के जैसा जम्मू कश्मीर में भी बैंक घोटाला

जेसीसी बैंक में ग्राहकों के पैसे में सेंधमारी

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड में एक बड़े स्तर के वित्तीय गबन का मामला सामने आया है। बैंक के मुख्य कार्यालय में तैनात कुछ कर्मचारियों ने विभिन्न शाखाओं के जमाकर्ताओं के खातों से करोड़ों रुपये की राशि अवैध डिजिटल लेनदेन के माध्यम से उड़ा ली है। इस धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक प्रबंधन ने तीन संदिग्ध कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की गहन जांच के लिए अपराध शाखा को औपचारिक शिकायत भेज दी गई है।

शुरुआती जांच में अब तक लगभग 1.77 करोड़ रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। हालांकि, बैंक के आंतरिक ऑडिट और क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच जारी है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि घोटाले की कुल राशि कहीं अधिक हो सकती है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला पद के दुरुपयोग और बैंकिंग डेटा के साथ छेड़छाड़ का परिणाम है।

आरोपी कर्मचारियों ने ग्राहकों के व्यक्तिगत और बचत खातों से एनईएफटी और आरटीजीएस के माध्यम से अनधिकृत रूप से धन राशि अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी। घोटाले का पहला बड़ा मामला 17 जनवरी, 2026 को प्रकाश में आया, जब शास्त्री नगर (जम्मू) शाखा के प्रमुख ने दैनिक लेनदेन की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाईं।

बैंकिंग नियमों के अनुसार, प्रत्येक डिजिटल लेनदेन का एक भौतिक वाउचर होना अनिवार्य है। 17 जनवरी को शाखा प्रमुख ने पाया कि 16 जनवरी की तारीख में 2.95 लाख रुपये का एक लेनदेन दर्ज था, लेकिन उसका कोई वाउचर मौजूद नहीं था।

जांच में पता चला कि मुख्य कार्यालय के आईटी विभाग में तैनात कर्मचारियों ने अपनी विशेष शक्तियों का दुरुपयोग किया। वे शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों की यूजर आईडी को उनकी जानकारी के बिना अक्षम कर देते थे और उसी दौरान अवैध तरीके से फंड ट्रांसफर कर देते थे।

मामला अत्यंत गंभीर है क्योंकि इसमें विश्वासघात और डिजिटल सुरक्षा में सेंधमारी शामिल है। बैंक प्रबंधन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस नेटवर्क में कुछ स्थानीय बाहरी लोग भी शामिल थे और यह सिलसिला कब से चल रहा था। वर्तमान में जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।