ईरान की सरकारी मीडिया ने भी घटना की पुष्टि कर दी
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कई अन्य शीर्षस्थ भी मारे गये हैं
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ट्रंप से साफ कहा सत्ता परिवर्तन चाहिए
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ईरान ने पास के सभी अमेरिकी अड्डों पर हमला किया
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक अत्यंत गंभीर घटनाक्रम सामने आया है। ईरानी सरकारी मीडिया (फार्स न्यूज एजेंसी) ने पुष्टि की है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की पुत्री, दामाद और पोती की मृत्यु हो गई है। यह हमला खामेनेई के आवास के निकटवर्ती क्षेत्र में हुआ, जिसे सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी सेंध माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए संकेत दिया है कि इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य तेहरान में सत्ता परिवर्तन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान पर भारी बमबारी का यह सिलसिला पूरे सप्ताह जारी रह सकता है। यह हमला उस समय हुआ है जब क्षेत्र में सैन्य संघर्ष अपने चरम पर पहुंच चुका है।
अलीरेजा अराफी को फिलहाल देश की कमान
तेहरानः ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमलों में मृत्यु के पश्चात, वरिष्ठ ईरानी नेता अलीरेजा अराफी को रविवार को ईरान की नेतृत्व परिषद (लीडरशिप काउंसिल) का विधिवेत्ता सदस्य नियुक्त किया गया है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह परिषद एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक निकाय है, जिसे नए सर्वोच्च नेता के चुनाव तक अस्थायी रूप से शासन और नेतृत्व की भूमिका निभाने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है।
यह नियुक्ति विशेषज्ञों की सभा द्वारा एक नए स्थायी नेता के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक के अंतरिम काल के लिए की गई है। अलीरेजा अराफी की यह भूमिका यह सुनिश्चित करने के लिए है कि देश में सर्वोच्च नेतृत्व के रिक्त पद के दौरान भी प्रशासनिक और वैधानिक कार्यों में निरंतरता बनी रहे। इस निर्णय को ईरान के आंतरिक राजनीतिक स्थिरता और उत्तराधिकार की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस हमले के प्रतिशोध में ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजरायल के रणनीतिक ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। हालांकि अमेरिकी सेना ने अभी तक अपने किसी सैनिक के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इन हमलों के कारण क्षेत्रीय हवाई यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भारी तबाही हुई है। वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान आया है।
रूस और चीन, दोनों देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। रूस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, जबकि चीन ने इसे एक अंतहीन युद्ध की शुरूआत होने की चेतावनी दी है। यूएन महासचिव ने इसे ‘विनाशकारी’ बताते हुए सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई है। ईयू ने तेल की कीमतों में उछाल और नागरिक सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सऊदी अरब और कतर ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि यूएई ने इसे इतिहास का एक निर्णायक मोड़ करार दिया है।
इस संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। साथ ही, नागरिक क्षेत्रों पर हमलों के कारण एक बड़ा शरणार्थी संकट पैदा होने की आशंका है। वर्तमान में दुनिया भर में अमेरिकी और इजरायली दूतावासों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि ईरान समर्थित समूहों द्वारा संभावित जवाबी हमलों को रोका जा सके।