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डीएमके कांग्रेस को दे सकती है 28 सीटें

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गठबंधन की गाड़ी बढ़ी

  • कई दौर की वार्ता पहले हो चुकी है

  • औपचारिक वार्ता दिल्ली में होगी

  • बाकी दलों को भी सीट देना होगा

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः चेन्नई में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर द्रमुक और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान अब अंतिम दौर में पहुँचती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, सत्तारूढ़ दल द्रमुक अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटें देने पर विचार कर रही है। इस संबंध में एक वरिष्ठ द्रमुक नेता ने बताया कि पार्टी अगले कुछ दिनों में कांग्रेस को औपचारिक वार्ता के लिए आमंत्रित कर सकती है ताकि सीटों का आंकड़ा अंतिम रूप से तय किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों की संख्या में मामूली वृद्धि की जा सकती है, लेकिन यह 28 के आंकड़े से अधिक होने की संभावना कम है।

द्रमुक की रणनीति राज्य के आगामी राज्यसभा चुनावों के नामांकन शुरू होने से पहले अपने सभी सहयोगियों के साथ सीट-बंटवारे के समझौतों को पूरा करने की है। गौरतलब है कि तमिलनाडु से राज्यसभा की छह सीटों के लिए भी चुनाव होने हैं, और द्रमुक का लक्ष्य इस प्रक्रिया के शुरू होने से पहले गठबंधन की स्थिति स्पष्ट कर लेना है।

यद्यपि अभी तक दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या पर पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का मानना है कि दोनों पक्ष जल्द ही किसी कॉमन ग्राउंड (समान सहमति) पर पहुँच जाएंगे और गठबंधन को अंतिम रूप दे देंगे।

वहीं, द्रमुक के वरिष्ठ नेता ने एक महत्वपूर्ण पहलू की ओर संकेत करते हुए कहा कि गठबंधन की अपनी सीमाएं हैं। उन्होंने कहा, यदि हम कांग्रेस के लिए सीटों की संख्या में भारी वृद्धि करते हैं, तो हमारे लिए गठबंधन में नए दलों को शामिल करना संभव नहीं होगा। यह बयान दर्शाता है कि द्रमुक अपने गठबंधन का विस्तार करने और संतुलन बनाए रखने के बीच सावधानी बरत रही है।

कुल मिलाकर, आने वाला एक सप्ताह तमिलनाडु की चुनावी राजनीति के लिए निर्णायक होने वाला है, जहाँ द्रमुक अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाकर चुनावी तैयारी को गति देने की कोशिश में है।