कैबिनेट फेरबदल का एक आकलन तो सही साबित
पहले से इसकी चर्चा होने लगी थी
सभी आठ सांसदों का टिकट काटा
जातिगत समीकरणों पर पूरा ध्यान
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर एक बड़ा चौकाने वाला कदम उठाया है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा समेत अपने सभी 8 मौजूदा (निवर्तमान) सांसदों को इस बार टिकट नहीं दिया है।
सूची से बाहर रहने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, बृजलाल और गीता शाक्य शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य से पहले राज्यसभा सांसद रहे दिनेश शर्मा को हाल ही में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। पार्टी ने इस बार जिन 8 नए चेहरों को मैदान में उतारा है, उनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
राज्य की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आगामी 16 अक्टूबर को मतदान होना है। विधानसभा में पार्टियों की संख्या बल के आधार पर, भाजपा को आसानी से 8 सीटें और समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिलने की उम्मीद है। साल 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, भाजपा ने इस सूची में सामाजिक समीकरण (जातिगत प्रतिनिधित्व) और सांगठनिक अनुभव का बेहतरीन संतुलन बनाया है। घोषित उम्मीदवारों में 3 ओबीसी, 2 अनुसूचित जाति और 3 सवर्ण (उच्च जाति) उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि सूची में 2 महिलाओं को भी जगह मिली है।
ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों में लोधी, पाल और कुर्मी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि सवर्ण उम्मीदवारों में दो ब्राह्मण और एक राजपूत चेहरा शामिल हैं। ओबीसी पाल समुदाय से आने वाले प्रकाश पाल वर्तमान में भाजपा के उत्तर प्रदेश ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष हैं और पहले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।