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अपनी भावना पर काबू नहीं रख पाये केजरीवाल, रो पड़े

शराब घोटाला मामला ही खारिज हो गया

  • आरोपों में कोई दम ही नहीं हैं

  • जांच अफसर पर भी जांच हो

  • चार्जशीट लंबा पर साक्ष्य नहीं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः इन दिनों का अपमान और भाजपा पर लगाये गये तमाम आरोपों की प्रतिक्रिया आज आंसू के तौर पर बाहर निकली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और उसे कड़ी फटकार लगाई। बाद में केजरीवाल ने अन्य नेताओं के साथ मिलकर एक प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया।

देखें प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो

https://www.facebook.com/SanjaySinghAAP/videos/1366245815190325

अदालत ने कहा कि सीबीआई द्वारा दायर हजारों पन्नों की विस्तृत चार्जशीट में कई ऐसी खामियां हैं, जिनका समर्थन किसी भी गवाह या बयान से नहीं होता है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी ने इस मामले में गुमराह करने वाले दावे किए हैं। अदालत ने कहा कि इन खामियों ने कथित साजिश के सिद्धांत की जड़ को ही हिला दिया है।

अदालत ने कहा कि सिसोदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है। उनके खिलाफ न तो कोई सबूत मिला और न ही कोई रिकवरी हुई। न्यायाधीश ने निष्कर्ष निकाला कि केजरीवाल को बिना किसी ठोस सामग्री के इस मामले में फंसाया गया था।

अदालत ने टिप्पणी की कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ बिना किसी आधार के साजिश में शामिल होने का आरोप कानून के शासन के विपरीत है। प्राथमिक आरोपी कुलदीप सिंह के संबंध में कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त किया कि उन्हें पहला आरोपी क्यों बनाया गया, जबकि उनके खिलाफ भी कोई सामग्री मौजूद नहीं थी। जांच में गंभीर लापरवाही और खामियां पाए जाने पर अदालत ने सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।

गौरतलब है कि इस मामले ने लंबे समय तक राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाए रखी थी। मनीष सिसोदिया इस मामले में लगभग 530 दिनों तक जेल में रहे, जबकि अरविंद केजरीवाल दो बार में कुल 156 दिन जेल में बिताने के बाद सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर रिहा हुए थे। यह निर्णय आप नेताओं के लिए एक बड़ी कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह फैसला आने के बाद मीडिया के बात करते वक्त अरविंद केजरीवाल रो पड़े, जिन्हें पास खड़े सिसोदिया ने ढांढस बंधाया। केजरीवाल ने कहा कि सौ प्रतिशत ईमानदार व्यक्ति पर  जब ऐसे गंदे आरोप लगते हैं तो दिल को चोट पहुंचती है।