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Kanchan Bai Sacrifice: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई ने 20 बच्चों के लिए दे दी जान, मधुमक्खियों के हमले से बचाते हुए हुई मौत

नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच के रानपुर गांव से भावुक कर देने वाला वाकया सामने आया है. सोमवार दोपहर मडावदा पंचायत के ग्राम रानपुर में आंगनबाड़ी केंद्र पर परिसर में बाहर खेल रहे 20 बच्चों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. तभी आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली कंचनबाई मेघवाल ने हिम्मत दिखाते हुए सभी बच्चों को दरियों और चटाई से ढक दिया और वे खुद सामने खड़ी हो गईं. मधुमक्खियों के झुंड ने कंचन बाई पर हमला कर दिया. ग्रामीणों ने तुरंत कंचन बाई को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया. लेकिन डॉक्टरों ने कंचनबाई को मृत घोषित कर दिया. इस घटना से गांव में मातम पसर गया.

पति लकवे से पीड़ित, घर का भरण पोषण कर रही थी कंचन बाई
कंचनबाई मेघवाल के पति शिवलाल को कई साल पहले लकवा मार गया था, जिससे उनका चलना फिरना बंद हो गया था. उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं. वह आंगनबाड़ी में स्व-सहायता ग्रुप चला रही थीं, जिसमें वह जय माता दी स्व-सहायता ग्रुप की अध्यक्ष थी और आंगनबाड़ी में बच्चों को खाना बनाकर देती थीं. गांव के सुरेश मेघवाल ने बताया कि, ”कंचनबाई वक्त की बहुत पाबंद थी, वह रोजाना सुबह समय पर आंगनबाड़ी आती थीं. कभी शिकायत नहीं करती थी और हमेशा मुस्कुराती रहती थीं. पति की बीमारी के चलते परिवार को संभालती थी, अब उनके जाने से परिवार पर कहर टूट पड़ा.

मधुमक्खियां के हमले से चार बच्चे भी हुए घायल
मधुमक्खियां के झुंड ने आंगनबाड़ी के बाहर खेल रहे 20 बच्चों पर हमला कर दिया. कंचन बाई ने बहादुरी दिखाते हुए सभी बच्चों को आंगनबाड़ी के अंदर भेजा लेकिन मधुमक्खियां आंगनबाड़ी के अंदर भी आ गई. जिसके बाद कंचन बाई ने वहां पड़ी दरियों और चटाई से बच्चों को ढक दिया. इसके बाद मधुमक्खियां के झुंड ने कंचन बाई और कुछ बच्चों पर भी हमला कर दिया. कंचन बाई की उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि चार बच्चों का उपचार जारी है. जिनके सिर में से मधुमक्खियां के डंक निकाले गए हैं, जिनकी हालत फिलहाल ठीक है.

आंगनबाड़ी पर अब भी मंडरा रहामधुमक्खियों का खतरा
आंगनबाड़ी के बाहर पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था. यही से अचानक उड़ी मधुमक्खियों के झुंड ने हमला किया था. मधुमक्खी का छत्ता अभी भी पेड़ पर लगा हुआ है. अब ग्रामीण आंगनवाड़ी के पास जाने में भी डर रहे हैं. वहीं, पर गांव का इकलौता हैंडपंप भी लगा है, जहां सब पानी भरने जाते हैं. जिसके चलते ग्रामीणों ने मांग की है कि अगर छत्ता न हटाया गया तो और बड़ा हादसा हो सकता है.

ग्रामीण कैलाश मेघवाल ने बताया कि, ”कंचन बाई ने मधुमक्खियां से बच्चों को बचाने के चक्कर में उनकी मौत हो गई, हमने इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी 112 डायल मौके पर पहुंची और उन्हें सरवानिया महाराज अस्पताल पहुंचाया लेकिन उनकी मौत हो गई.”

मामले में सरवानिया महाराज चौकी प्रभारी निलेश सोलंकी ने बताया कि, ”सूचना पर डायल 112 मौके पर पहुंची थी और महिला को अस्पताल पहुंचाया गया था. जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. नीमच जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कर शव परिजन को सौंप दिया गया और पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है.”