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रांची में भी जल प्रदूषण से महामारी का खतरा

इंदौर और अहमदाबाद से सबक ले राज्य सरकार और निगम

  • कई स्थानों में लीकेज की समस्या

  • कई बार बदबूदार पानी आता है

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी

राष्ट्रीय खबर

राँची: झारखंड की राजधानी के विभिन्न इलाकों में खुले नालों और कचरे के ढेरों के बीच से गुजरती पेयजल की पाइपलाइनें एक बार फिर शहरवासियों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई हैं। राज्य की राजधानी में जल आपूर्ति पाइपलाइनों के खराब रखरखाव और उनके असुरक्षित रास्तों ने पीने के पानी की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राँची के कांटाटोली, पुरुलिया रोड, कोकर, लालपुर और थड़पखना जैसे प्रमुख मोहल्लों में स्थिति अत्यंत भयावह है। यहाँ पानी की पाइपलाइनें अक्सर जाम पड़े नालों के भीतर से होकर गुजरती हैं। ये पाइपलाइनें गंदे पानी, प्लास्टिक कचरे और कई स्थानों पर जानवरों के सड़े-गले अवशेषों के बीच डूबी रहती हैं।

इस गंभीर स्थिति ने हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई उस दुखद घटना की यादें ताजा कर दी हैं, जहाँ दूषित पानी पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी। इसी जल प्रदूषण की वजह से अहमदाबाद में भी टाइफॉयड का कहर आ पड़ा है, जहां सैकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती है। राँची के निवासियों को डर है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यहाँ भी वैसी ही त्रासदी हो सकती है।

शहर के निवासियों का आरोप है कि बारिश के दौरान या जाम की वजह से जब नालियां ओवरफ्लो होती हैं, तो रिसाव (लीकेज) के माध्यम से गंदा पानी पाइपलाइनों में रिसने लगता है। मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों के पास पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर खरीदने की क्षमता नहीं है, जिसके कारण वे इसी दूषित जल को पीने को मजबूर हैं।

कांटाटोली के मौलाना आज़ाद कॉलोनी के निवासी मोहम्मद शमशाद ने बताया, जब भी सप्लाई बंद होती है, गंदा पानी पाइपों में घुस जाता है। सप्लाई शुरू होने पर शुरुआत में पानी से बदबू आती है और वह कीचड़ जैसा दिखता है। पाइपों में जरूर लीकेज हैं। अगर हम ऐसा पानी पीकर बीमार पड़ते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) के मेडिसिन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रश्मि सिन्हा के अनुसार, जब पेयजल की पाइपलाइनें खुली नालियों के समानांतर या उनके भीतर से गुजरती हैं, तो एक छोटा सा रिसाव भी खतरनाक रोगाणुओं को सिस्टम में प्रवेश दे सकता है।

दूषित पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और हैजा जैसी बीमारियाँ फैलती हैं, जो कभी-कभी किडनी फेल होने तक का कारण बन सकती हैं। इस मामले पर राँची नगर निगम के अतिरिक्त प्रशासक संजय कुमार ने कहा है कि निगम मामले की जांच करेगा और इन समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।