Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
EVM में टोटलाइजर से क्यों नहीं हो सकती वोटों की गिनती?: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से मां... किशनगंज: खकवा नदी के तेज बहाव में तैरकर जनाजा ले जाने की मजबूरी, ग्रामीणों ने डीएम और बिहार सरकार से... शिवपुरी में रहस्यमयी बीमारी का कहर: 10 दिनों में एक ही परिवार के 4 बच्चों की मौत, डेंगू-मलेरिया निगे... भारतीय मुसलमानों के अधिकारों के लिए 51 सदस्यीय राष्ट्रीय निगरानी समिति का गठन: नई दिल्ली में ऐलान अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान: श्रेयस अय्यर बने कप्तान, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी... 'सैयारा' फेम अनीत पड्डा की नई सीरीज 'हुंकार: द रोर' का टीजर रिलीज: जानें कहानी, स्टार कास्ट और OTT र... नेपाल में 180 km/h की रफ्तार से आई 'हिमालयी सुनामी': रसुवा-धाडिंग में भारी तबाही, सुरंगों में बचाव क... LIC के दो नए धमाकेदार प्लान: गारंटीड सेविंग्स के साथ मिलेगा प्योर लाइफ कवर, 7 सितंबर से शुरू होगी बि... UPI का नया रिकॉर्ड: अगस्त में ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन, कुल 2,451 करोड़ ट्रांजेक्शन दर्ज; NPCI ने ... श्रीकृष्ण के सबसे प्रिय भोग माखन-मिश्री और पंचामृत की विधि; जानें मलाई से शुद्ध माखन बनाने का आसान न...

ताइवान में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप

प्रकृति के अजीब तांडव से दहल गया पूरा द्वीप

ताइपेः प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर पर स्थित ताइवान में आज प्रकृति ने अपनी संहारक शक्ति का परिचय दिया। दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित ताइतुंग काउंटी में आए 6.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे द्वीप देश को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र सतह से केवल 11.9 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। विज्ञान की भाषा में इतनी कम गहराई पर आने वाले भूकंप सबसे अधिक विनाशकारी माने जाते हैं, क्योंकि इनकी ऊर्जा सीधे धरातल पर प्रहार करती है। भूकंप के पहले झटके महसूस होते ही राजधानी ताइपे की गगनचुंबी इमारतों में लगे कंपन-रोधी यंत्र सक्रिय हो गए, लेकिन झटके इतने तीव्र थे कि लोग दहशत में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे।

प्रारंभिक रिपोर्टों और स्थानीय मीडिया द्वारा साझा की गई तस्वीरों में तबाही के स्पष्ट निशान देखे जा सकते हैं। ताइतुंग के ग्रामीण इलाकों में कई पुरानी और ऐतिहासिक इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं, जबकि आधुनिक निर्माण वाली इमारतों में बड़ी दरारें आ गई हैं।

द्वीप के बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुँची है; मुख्य राजमार्गों पर जमीन फटने के कारण यातायात ठप हो गया है और कई स्थानों पर पुलों की संरचनात्मक मजबूती को खतरा पैदा हो गया है। ताइवान की हाई-स्पीड रेल सेवा को सुरक्षा कारणों से तुरंत निलंबित कर दिया गया है। बिजली के खंभे गिरने और सब-स्टेशनों में आई तकनीकी खराबी के कारण हजारों घर और उद्योग अंधेरे में डूबे हुए हैं।

भूकंप के झटके केवल ताइवान तक सीमित नहीं रहे; इनकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि चीन के फुजियान प्रांत, फिलीपींस के उत्तरी हिस्सों और जापान के सुदूर दक्षिणी ओकिनावा द्वीपों में भी लोगों ने धरती को डोलते हुए महसूस किया। ताइवान के राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी को वार फुटिंग पर काम करने का आदेश दिया है। बचाव दल मलबे में दबे संभावित लोगों को निकालने के लिए थर्मल सेंसर और प्रशिक्षित कुत्तों की मदद ले रहे हैं। हालांकि अभी तक सुनामी की आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन तटीय निवासियों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। भू-वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 72 घंटों में 5.0 तीव्रता तक के आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं, जो पहले से ही कमजोर हो चुकी इमारतों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं।