Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गढ़वा के बलीगढ़ में वज्रपात का कहर: बकरी चराने गए 2 लोगों की दर्दनाक मौत, 1 झुलसा; गांव में मातम गढ़वा: सिरोईकला में नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं छात्र और शिक्षक, DC ने दिए पुल निर्माण की जांच के न... पाकुड़: एक ही रात में कई घरों में चोरी और सेंधमारी का प्रयास, बोलबम के कपड़ों में आए थे चोर; CCTV खं... पलामू में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट पर बवाल, पाटन थाने में एफआईआर दर्ज रांची में JPSC छात्रों पर लाठीचार्ज पर भड़की दिल्ली की सियासत, संसद भवन परिसर में BJP सांसदों का प्र... JPSC-JSSC लाठीचार्ज के खिलाफ पलामू में 'झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह': सूर्या सोनल सिंह के नेतृत्व म... धनबाद सदर अस्पताल में बच्चों का मुफ्त इलाज और सर्जरी: 18 साल तक के बच्चों के लिए विशेष RBSK कैंप शुर... पलामू डीआईजी किशोर कौशल का बड़ा एक्शन, फायरिंग मामलों के अनुसंधान में लापरवाही पर 1 DSP और 4 SI को श... लुधियाना के गांव रतनगढ़ के पास भीषण सड़क हादसा, कैंटर की टक्कर से चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल लुधियाना में हैवानियत: वीडियो बनाने का विरोध करने पर घर में घुसे 20-25 गुंडे, गर्भवती महिला से मारपी...

अफगानिस्तान और पाकिस्तान में कम से कम 45 की मौत

युद्ध जारी होने के बीच दोनों देशों पर प्रकृति का कहर

इस्लामाबाद: पिछले गुरुवार से अफगानिस्तान और पड़ोसी पाकिस्तान के कई हिस्सों में जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक कम से कम 45 लोगों की जान जा चुकी है। अफगानिस्तान के मध्य और पूर्वी प्रांतों में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जहाँ मलबे के कारण कई प्रमुख राजमार्गों को बंद करना पड़ा है। यह स्थिति तब है जबकि अस्थायी युद्धविराम के बाद दोनों ही देशों की सेना एक दूसरे पर हमला कर रही है और एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रही है।

अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को उफनती नदियों और बरसाती नालों से दूर रहने तथा मौसम के पूर्वानुमानों को गंभीरता से पालन करने का निर्देश दिया है।

प्रांतीय स्तर पर हुई क्षति के कुछ प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं। मध्य प्रांत दाइकुंडी में मूसलाधार बारिश के कारण एक घर की छत गिरने से पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। पूर्वी प्रांत नंगरहार में भी इसी तरह की घटना में एक महिला की जान चली गई।

पुलिस प्रवक्ता सैयद तैयब हमद ने पुष्टि की है कि ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों के गिरने से जान-माल का अधिक नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए और अधिक बारिश और तीव्र तूफानों की भविष्यवाणी की है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आने की आशंका है।

अफगानिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति और जर्जर बुनियादी ढांचे के कारण चरम मौसम की घटनाओं, विशेष रूप से मानसून और भारी बर्फबारी के प्रति बेहद संवेदनशील है। इसी वर्ष जनवरी में भी अचानक आई बाढ़ और भारी बर्फबारी के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में पशुधन की हानि हुई थी। दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में संचार और परिवहन के सीमित साधनों के कारण सहायता पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मिट्टी के कटाव और कमजोर निर्माण के कारण मामूली बारिश भी यहाँ जानलेवा साबित होती है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस क्षेत्र में वर्षा का स्वरूप अनिश्चित हो गया है, जिससे अल्प समय में अत्यधिक वर्षा की घटनाएं बढ़ रही हैं।