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पूर्व ईडी अफसर और भाई की बेहिसाब संपत्ति

काफी समय से नजरदारी के बाद सीबीआई ने कार्रवाई की

  • वैध आय से अधिक संपत्ति खरीदी

  • चंडीगढ़ की प्रापर्टी भी निशाने पर

  • दोनों भाई अभी जमानत पर बाहर

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय जांच ब्यूरो ने प्रवर्तन निदेशालय के एक पूर्व अधिकारी और उनके बैंकर भाई के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का नया मामला दर्ज किया है। सीबीआई के अनुसार, रिश्वत के आरोपों के घेरे में आने से कुछ महीने पहले ही शिमला स्थित ईडी के सहायक निदेशक विशाल दीप और उनके भाई विकास दीप ने अपनी वैध आय से दोगुना से भी अधिक मूल्य की संपत्तियां खरीदी थीं।

जांच एजेंसी के आँकड़ों के मुताबिक, मार्च 2024 के अंत तक दोनों भाइयों की कुल संपत्ति 9.20 लाख रुपये थी, जो दिसंबर के अंत तक तेजी से बढ़कर 44.44 लाख रुपये हो गई। दिलचस्प बात यह है कि इस अवधि के दौरान उनकी संयुक्त आय लगभग 40.28 लाख रुपये थी, जबकि उन्होंने 98.24 लाख रुपये खर्च किए। सीबीआई की नवीनतम एफआईआर में चंडीगढ़ में एक फ्लैट और तीन लग्जरी कारों (जीप कंपास और वोक्सवैगन वर्टस सहित) का जिक्र है। आरोप है कि इन कारों का इस्तेमाल पिछले साल चंडीगढ़ रिश्वत कांड में अवैध धन की वसूली के लिए किया गया था।

विकास दीप, जो पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर थे, को पिछले साल चंडीगढ़ में 55 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। यह रिश्वत हिमाचल प्रदेश छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों से ली जा रही थी। इसके कुछ हफ्तों बाद विशाल दीप को भी मुंबई से गिरफ्तार किया गया।

विशाल उस मामले में जांच अधिकारी थे। सीबीआई ने अपने ही एक डीएसपी स्तर के अधिकारी को भी इन भाइयों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में अब परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, क्योंकि उनके बैंक खातों में संदिग्ध रूप से भारी लेनदेन पाया गया है। एजेंसी को संदेह है कि यह एक संगठित साजिश थी जिसमें पूरे परिवार की संलिप्तता हो सकती है। फिलहाल, दोनों भाई जमानत पर बाहर हैं, लेकिन सीबीआई ने उनकी बेहिसाब संपत्ति को लेकर जांच तेज कर दी है।