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हरीश रावत ने भाजपा पर एफआईआर दर्ज कराया

ए आई से तैयार वीडियो की जानकारी के बाद कार्रवाई

  • नेहरू कॉलोनी थाना में यह केस दर्ज

  • वीडियो में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ा गया

  • सोशल मीडिया में जारी हुआ है यह वीडियो

राष्ट्रीय खबर

देहरादूनः उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भाजपा के खिलाफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग कर दुष्प्रचार करने का मामला दर्ज कराया है। मंगलवार को रावत अपने समर्थकों के साथ देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने पहुँचे और पुलिस को एक लिखित शिकायत के साथ पेन ड्राइव और अन्य सबूत सौंपे।

इसके आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। रावत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री की एफआईआर दर्ज करने में पुलिस को चार घंटे का समय लगा।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अगर एक पूर्व सीएम की शिकायत दर्ज करने में इतना समय लगता है, तो आम आदमी की क्या हालत होती होगी? पुलिस के हाथ काँप रहे थे क्योंकि हमने भाजपा अध्यक्ष और उनके सहयोगियों पर तथ्यों के साथ आरोप लगाए हैं। रावत का आरोप है कि भाजपा ने एआई का इस्तेमाल कर उनकी और कांग्रेस पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की है और एक विशेष समुदाय को निशाना बनाकर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास किया है।

विवाद की जड़ भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट किया गया एक एआई-जनरेटेड वीडियो है। इस वीडियो में रावत को कथित तौर पर तुष्टिकरण करते हुए दिखाया गया है, जहाँ एक आवाज उन्हें यह कहते हुए सुनाती है कि वे लव जिहाद और दरगाहों के पक्षधर हैं।

वीडियो के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बुलडोजर और पुलिस बल के साथ दिखाया गया है, जो देवभूमि की रक्षा कर रहे हैं। रावत ने एक अन्य एआई वीडियो का भी जिक्र किया जिसमें उन्हें पाकिस्तानी एजेंट के रूप में दिखाया गया था, हालांकि भाजपा ने उस वीडियो से किसी भी संबंध से इनकार किया है। रावत ने कहा कि वे इस मामले को राज्य चुनाव अधिकारी और जिलाधिकारी के सामने भी उठाएंगे।