ताइवान के वैज्ञानिकों ने जादुई सीरम बनाने का परीक्षण किया
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चूहों पर परीक्षण सफल साबित हुआ
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अब इंसानी परीक्षण की तैयारी चल रही
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स्टेम कोशिकाओं की मदद से ऐसा होगा
राष्ट्रीय खबर
रांचीः क्या आप सालों से बालों के झड़ने और गंजेपन की समस्या से जूझ रहे हैं? क्या महंगे हेयर ट्रांसप्लांट या बेअसर दवाइयाँ आपको निराश कर चुकी हैं? अगर हाँ, तो ताइवान से आई एक वैज्ञानिक खबर आपके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा अनोखा सीरम विकसित करने का दावा किया है जो मात्र 20 दिनों में सिर पर दोबारा बाल उगा सकता है!
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यह सीरम किसी कठोर रसायन या जटिल प्रक्रिया पर आधारित नहीं है। इसकी सफलता का रहस्य हमारे शरीर के भीतर ही छिपा है। वैज्ञानिकों ने पाया कि जब त्वचा पर कोई छोटी-मोटी चोट या जलन होती है, तो शरीर की प्रतिरक्षा कोशिकाएँ त्वचा के नीचे मौजूद वसा कोशिकाओं को संकेत देती हैं। ये वसा कोशिकाएँ तब कुछ प्राकृतिक फैटी एसिड जारी करती हैं। ये फैटी एसिड बालों के रोम छिद्रों में मौजूद स्टेम कोशिकाओं को ऊर्जा देते हैं, जिससे बाल फिर से उगना शुरू हो जाते हैं।
शोधकर्ताओं ने इसी प्राकृतिक प्रक्रिया को आधार बनाया। उन्होंने ओलिक एसिड और पामिटोलेइक एसिड जैसे मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, जो जैतून के तेल और हमारे शरीर की चर्बी में भी पाए जाते हैं, का उपयोग करके एक रब-ऑन सीरम बनाया। यह सीरम त्वचा में बिना जलन पैदा किए, सीधे वसा कोशिकाओं को सक्रिय कर देता है, जिससे बालों का विकास शुरू हो जाता है।
इस सीरम का परीक्षण गंजे चूहों पर किया गया, और परिणाम अविश्वसनीय थे। महज तीन हफ्तों (लगभग 20 दिन) के भीतर, चूहों के शरीर पर घने और स्वस्थ बाल वापस आ गए। इतना ही नहीं, शोध टीम के प्रमुख प्रोफेसर सुंग-जन लिन ने व्यक्तिगत रूप से इस फॉर्मूले को अपने पैरों पर लगाकर देखा और तीन हफ्तों में बालों की ग्रोथ दर्ज की।
यह खोज गंजेपन के लाखों शिकार लोगों के लिए एक बड़ी आशा लेकर आई है। चूँकि यह सीरम प्राकृतिक फैटी एसिड से बना है, इसलिए इसके दुष्प्रभाव भी कम होने की उम्मीद है। वैज्ञानिकों ने इस अविष्कार का पेटेंट करा लिया है और अब उनका अगला लक्ष्य मानव नैदानिक परीक्षण शुरू करना है।
यदि ये परीक्षण सफल होते हैं, तो यह सीरम जल्द ही बिना डॉक्टर के पर्चे के एक ओवर-द-काउंटर उत्पाद के रूप में उपलब्ध हो सकता है, जिससे हेयर ट्रांसप्लांट और अन्य महंगे उपचारों की ज़रूरत खत्म हो सकती है। संक्षेप में, ताइवान के वैज्ञानिक एक ऐसे उपचार के करीब हैं जो न केवल गंजेपन को खत्म कर सकता है, बल्कि दुनिया भर में लोगों को उनका आत्मविश्वास भी वापस दिला सकता है।
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