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केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने बिहार पुलिस को खास तौर पर सम्मानित किया

बिहार में 12 दिन में पासपोर्ट आवेदन का होता है सत्यापन

  • दो एडीजी ने की मुख्यालय में प्रेस वार्ता

  • डीजीपी के नेतृत्व में टीम कर रही ठीक काम

  • आईजी राकेश राठी ने यह सम्मान प्राप्त किया है

दीपक नौरंगी

पटनाः बिहार पुलिस के लिए गौरव की बात है पूरे देश में सबसे कम समय में पासपोर्ट आवेदनों का सत्यापन करने के लिए बिहार पुलिस को विदेश मंत्रालय की ओर से सर्वश्रेष्ठ राज्य पुलिस बल को सर्टिफिकेट ऑफ रिकॉग्नाइजेशन से सम्मानित किया गया इस सम्मान से बिहार पुलिस का गौरव के साथ साथ मनोबल ऊंचा हुआ है बिहार पुलिस मुख्यालय में दो एडीजी ने  प्रेस वार्ता कर महत्वपूर्ण जानकारी दी।

इसमें एडीजी स्पेशल ब्रांच सुनील कुमार और एडीजी बजट कमल किशोर सिंह प्रेस वार्ता में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन में समयबद्ध और उत्कृष्ट कार्य के लिए बिहार पुलिस को केंद्रीय विदेश मंत्रालय की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ रिकॉग्नाइजेशन से सम्मानित किया गया है। राज्य में पासपोर्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया औसतन महज 12 दिन में पूरी की जा रही है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। इस सम्मान को पुलिस महकमे की ओर से आईजी (मुख्यालय) राकेश राठी ने नई दिल्ली में प्राप्त किया।

बिहार में लगातार पुलिस विभाग अपने बेहतर कार्यों के लिए अन्य राज्यों में भी उनकी प्रशंसा हो रही है इसका पूरा श्रेय बिहार के डीजीपी विनय कुमार को जाता है जिन्होंने अनुशासन के तहत पुलिस मुख्यालय की टीम को एक साथ लेकर कार्य कर रहे हैं किसी भी राज्य के डीजीपी की ऐसी सोच होनी चाहिए कि पूरे टीम को एक साथ लेकर चलना और टीम भावना के साथ काम करना आज के वर्तमान युग में आसान नहीं है लेकिन फिर भी डीजीपी  विनय कुमार जो हर परिस्थितियों में पुलिस मुख्यालय हर सिपाही से लेकर एडीजी स्तर के पदाधिकारी को टीम भावना के साथ बेहतर काम करने का यह बेहतर अवसर भी पुलिस मुख्यालय में देखा जा रहा है

प्रेस वार्ता में विशेष शाखा के एडीजी सुनील कुमार ने बताया कि पांच लाख से कम पासपोर्ट आवेदन वाले राज्यों की श्रेणी में बिहार को पहला स्थान मिला है। वर्तमान में बिहार पुलिस औसत 12 दिन में पासपोर्ट आवेदनों का सत्यापन कर रही है। यह औसत पिछले पांच सालों में 18 दिन से लगातार घटता आ रहा है

एडीजी (विशेष शाखा) सुनील कुमार ने बताया कि विभाग अब इसे और बेहतर बनाते हुए 10 दिन से भी कम समय में सत्यापन का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए सभी 1128 थानों को विशेष टैब दिए गए हैं, जिससे प्रक्रिया डिजिटल और तेज हुई है

बिहार में वर्ष 2024 में पासपोर्ट के लिए 4,38,994 आवेदन आए थे, जिनका औसतन 12 दिन में सत्यापन कर दिया गया। सत्यापन प्रक्रिया में सीवान जिला से सबसे अधिक 63 हजार, गोपालगंज से 52 हजार, पटना से 40 हजार और चंपारण जिलों से भी बड़ी संख्या में आवेदन आए। वहीं, खगड़िया जिले में सबसे कम आवेदन आने के कारण वेरिफिकेशन केवल 5 दिन में हो जाता है।

एडीजी सुनील कुमार ने बताया कि मई 2025 से राज्य में जारी होने वाले पासपोर्ट में स्मार्ट चिप लगी होगी, जिसमें एमिग्रेशन से जुड़ी तमाम जानकारियां होंगी। इससे जांच और पहचान प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 15 दिन से कम समय में सत्यापन पर प्रति आवेदन ₹150 प्रतिपूर्ति राशि दी जाती है। इस मद में वर्ष 2024 में बिहार पुलिस को ₹19.89 करोड़ की राशि प्राप्त हुई।